आपदा प्रभावित क्षेत्रों से बचाव कार्य के 11वें दिन सेना और वायुसेना ने हर्षिल में फंसे सभी यात्रियों और स्थानीय लोगों को सुरक्षित निकाल लिया है। सैन्य बलों के हेलीकॉप्टर दिनभर उड़ान भरते रहे हैं।
उत्तराखंड आपदा की विशेष कवरेज
हर्षिल से 711 लोगों को एयर लिफ्ट किया गया है, जबकि बद्रीनाथ से हेलीकॉप्टर व सड़क मार्ग से 1350 लोग निकाले गए हैं। अगर मौसम साफ रहा तो सेना तीन दिन के भीतर बद्रीनाथ से सभी फंसे यात्रियों को निकाल लेगी।
वायुसेना और सेना सहित सिविल प्रशासन के हेलीकॉप्टर दिनभर हर्षिल और बद्रीनाथ में फंसे यात्रियों को निकालने में जुटे रहे। हर्षिल से 511 यात्रियों और लगभग दो सौ स्थानीय लोगों को हेलीकॉप्टर की मदद से निकाला गया है। इन लोगों को चिन्यालीसौड़ लाया गया, जहां मोटर मार्ग से गंतव्य को भेजा जा रहा है।
बचाव कार्य प्रभावित नहीं हुआ
बद्रीनाथ जोशीमठ मार्ग पर बने फुट ब्रिज के क्षतिग्रस्त होने के बावजूद सेना का बचाव कार्य प्रभावित नहीं हुआ। 500 लोगों को हेलीकॉप्टरों के माध्यम से तथा 850 को पैदल मार्ग से निकाला गया। क्षतिग्रस्त पुल के स्थान पर सेना ने हेलीब्रिज (हेलीकाप्टर से नदी पार करवाना) की मदद ली है।
मुख्य सचिव सुभाष कुमार ने बताया कि हर्षिल में अब कोई यात्री या स्थानीय बाशिंदा नहीं है। बद्रीनाथ से तीन से चार दिन के भीतर फंसे यात्रियों को निकाल लिया जाएगा।
27 जून का सैन्य अभियान
- धरासु से एमआई 17 वी 5 ने 58 उड़ानें भर 593 को निकाला
- हर्षिल से सिविल हेलीकॉप्टरों से निकाले 115 लोग
- बद्रीनाथ से तीन बजे तक 500 लोगों को एयर लिफ्ट किया
- पैदल मार्ग से 750 लोगों को बद्रीनाथ से निकाला गया