बारिश से शहर से लगी करीब 47 सड़कें और इन पर बने 25 पुलों को नुकसान पहुंचा है। विभाग की ओर से क्षतिग्रस्त सड़कों और पुलों की मरम्मत पर करीब 13 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान लगाया गया है।
बारिश के चलते देहरादून-मसूरी बाईपास के रूप में देखी जा रहे लंबीधार-किमाड़ी-दून मोटर मार्ग क्षतिग्रस्त होने से बाधित है। कोटला-संतूर मोटर मार्ग भी नदी के कटाव से क्षतिग्रस्त होने लगा है।
इस वजह से सड़क के पूरी तरह बंद होने का खतरा पैदा हो गया है।
नंदा की चौकी का पुल बन रहा है खतरा
नंदा की चौकी से आमवाला संपर्क मार्ग पर भी लगातार मलबा गिरने से बाधित होने का खतरा बना हुआ है। वहीं नंदा की चौकी पर बने पुल की नींव कटने लगी है। बारिश से ही गढ़ी कैंट पुल धंस गया था, जबकि धौलास जाने वाला पुल, धोरण खास जाने वाला पुल, नून नदी पर बना पैदल पुल भी बारिश से क्षतिग्रस्त हो गया है।
23 पुलों को पहुंचा नुकसान
पीडब्लूडी के प्रांतीय खंड की 45 सड़कें और 23 पुलों को नुकसान पहुंचा है। जिसे दुरुस्त करने में करीब 10 करोड़ रुपये खर्च आने का अनुमान है। प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता सीएम पांडे ने बताया कि क्षतिग्रस्त सड़कों और पुलों को दुरुस्त करने के प्रयास चल रहे हैं।
वहीं निर्माण खंड के अंतर्गत डकोटा और मोथरोवाला सड़क मार्ग के साथ ही इसमें पड़ने वाले दो पुल भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं।
लगातार गिर रहा है मलबा
अधिशासी अभियंता वीएन चौधरी के अनुसार इसको सुधारने में करीब तीन करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। साथ ही मालदेवता-घुत्तू, मुसंदसवाला, तिमली मानसिंह, भैंसवाड़ा-रंगणवाला, सरोना, थत्यूड़ आदि गांवों को जोड़ने वाले कच्चे रास्तों पर भी लगातार मलबा गिर रहा है, जिससे इन पर चलना मुश्किल हो गया है।