टेंपो चालक अनिल की मौत के मामले में जीआरपी इंस्पेक्टर, दो सिपाही और आरपीएफ वाले फंस गए हैं। उनके खिलाफ मृतक अनिल की पत्नी सुमन ने गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है। यह मुकदमा कोतवाली में दर्ज किया गया है।
तीन जुलाई को बरेली जंक्शन पहुंची मालगाड़ी पर संभल जिले निवासी निजामुद्दीन हंगामा कर रहा था। निजामुद्दीन मानसिक मंदित बताया जाता है। इसका पता लगने पर जीआरपी और आरपीएफ वाले भी मौके पर पहुंच गए। वहां जमा हुई भीड़ में सुभाषनगर की शिवकुटी निवासी टेंपो चालक अनिल भी मौजूद थे। परिवारीजनों का आरोप है कि जीआरपी और आरपीएफ वालों के कहने पर अनिल हंगामा कर रहे निजामुद्दीन को उतारने के लिए मालगाड़ी पर चढ़े। तभी निजामुद्दीन ने अचानक अनिल को धक्का दे दिया, जिससे वह नीचे पटरी पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। फौरन उन्हें शहर के एक निजी अस्पताल ले जाया गया। जहां से डॉक्टरों के कहने पर परिवार वाले अनिल को दिल्ली ले गए थे, लेकिन वहां से बैरंग लौटना पड़ा। यहां डीएम की मदद से अनिल को रुहेलखंड मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। जहां शनिवार रात अनिल ने दम तोड़ दिया। रविवार को पोस्टमार्टम के बाद अनिल का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
रविवार को अनिल की पत्नी सुमन की ओर से कोतवाली में तहरीर दी गई, जिसके आधार पर जीआरपी इंस्पेक्टर, दो सिपाही और आरपीएफ अधिकारियों के खिलाफ धारा 304ए (गैर इरादतन) हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया।
तहरीर के आधार पर क्राइम नंबर शून्य पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। चूंकि घटना स्थल रेलवे जंक्शन है, इसलिए तफ्तीश के लिए मुकदमा थाना जीआरपी भेज दिया जाएगा।- सुधीरपाल धामा, कोतवाल
किसी को बचाने के लिए हम दूसरे को क्यों चढ़ाएंगे? हमारे पर पुलिस की कमी थोड़े ही है। वैसे भी मामला आरपीएफ के क्षेत्र का है। हंगामा करने वाले के खिलाफ आरपीएफ ने ही कार्रवाई की थी। मुकदमा लिखाना है तो उसके खिलाफ लिखाएं, जिसने धक्का दिया। इससे हमारा कोई मतलब नहीं है।
- सुनील दत्त, इंस्पेक्टर जीआरपी