मुख्यमंत्री को ऐलनाबाद रैली में काले झंडे दिखाने की मंशा पाले हुए किसान नेताओं पुलिस ने रविवार सुबह ही हिरासत में ले लिया। पुलिस की अलग-अलग टीमें तड़के ही अखिल भारतीय स्वामीनाथन संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष विकल पचार व संघर्ष समिति के जिला प्रधान प्रकाश सिहाग के घर पहुंच गई थी, लेकिन दोनों किसान नेता रात को ही ऐलनाबाद पहुंच गए थे। पुलिस प्रशासन ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल का विरोध करने की मंशा रखने वाले किसानों को रैली स्थल व सीएम के आने-जाने वाले मार्ग पर फटकने नहीं दिया। शनिवार रात से ही पुलिस पूरे क्षेत्र में गश्त करती रही। संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष विकल पचान का कहना है कि प्रशासन ने अपनी पूरी ताकत लगा दी थी कि किसान सीएम को काले झंडे न दिखा पाएं।
विभिन्न ग्रामीण क्षेत्र से गाड़ियों में सवार होकर ऐलनाबाद आने वाले किसानों को खारी सुरेरां के पास पुलिस अधिकारियों को रोक लिया। राष्ट्रीय अध्यक्ष विकल पचार का कहना है कि सादी वर्दी में सैकड़ों पुलिस कर्मी उनकी लोकेशन की टोह लेने में जुटे थे। 11 बजे प्रशासन ने जिला अध्यक्ष प्रकाश सिहाग के पास संदेश पहुंचाया कि काले झंडे मत दिखाना, किसान नेताओं को मुख्यमंत्री से मिलवाया जाएगा। किसान नेता विकल पचार, प्रकाश सिहाग, दलीप कस्वां, कृष्ण ढाका, परमजीत माखा ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपने की मांग रखी जिसे प्रशासन ने मान लिया। विकल पचार का कहना है कि डीएसपी ऐलनाबाद रविंद्र सिवर ने उन्हें कहा कि रवि लढ़ा के घर सीएम का लंच है और यहीं पर उन्हें सीएम से मिलवाया जाएगा। साढ़े 11 बजे पांचों किसान नेता पुलिस अधिकारी के साथ जाने लगे तो रास्ते में प्रशासन की धोखेबाजी सामने आ गई। पुलिस ने किसान नेताओं को हिरासत में ले लिया और ऐलनाबाद थाने में ले आई। पचार का कहना है कि प्रशासन ने किसानों के साथ धोखेबाजी की है। जब मुख्यमंत्री मनोहर लाल हेलीकॉप्टर में बैठकर ऐलनाबाद से रवाना हो गए तब जाकर पुलिस ने उन्हें रिहा किया। संघर्ष समिति के जिलाध्यक्ष प्रकाश सिहाग का कहना है कि प्रशासन का किसान किसानों के साथ धोखेबाजी का खेल अगली बार नहीं चलेगा। मुख्यमंत्री को डबवाली में रैली करने आना है और इस बार किसान मुख्यमंत्री की रैली के सामने अपनी रैली करेंगे।