स्थानीय निकाय विभाग के एसडीओ व जई की परीक्षा का पेपर लीक कर कर मोटी रकम वसूलने के मामले विजिलेंस ने एक और गिरफ्तारी की है। आरोपी को विजिलेंस ने सोनीपत से गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान अजय कुमार के रूप में हुई है। विजिलेंस ने आरोपी को मंगलवार को अदालत में पेश किया। इस दौरान अदालत में विजिलेंस ने आरोपी का पांच दिन का रिमांड मांगा है। साथ ही अदालत में तर्क दिया कि अजय पेपर देने वाले विद्यार्थियों की तलाश करके मोटी रकम वसूल कर केस मुख्य आरोपी को सौंप देता था। अदालत ने उसे तीन दिन के रिमांड पर भेज दिया है। इस मामले में विजिलेंस ने संदीप सिंह, अमनदीप सिंह व अजय शर्मा निवासी मलोट को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। जो कि इस समय जेल में है। वहीं, मामले में विजिलेंस चालीस लाख की रिकवरी कर चुकी है।
जानकारी के मुताबिक, स्थानीय निकाय विभाग ने नवंबर 2015 में 682 विभिन्न पदों की भर्ती की प्रक्रिया शुरू की थी। परीक्षा में जेई, असिस्टेंट कारपोरेशन इंजीनियर, असिस्टेंट म्यूनिसिपल इंजीनियर, असिस्टेंट कारपोरेशन इंजीनियर व सब डिवीजन इंजीनियर के पद शामिल थे। परीक्षा 15 नवंबर 2015 को हुई थी। इसमें 67000 परीक्षार्थी अपीयर हुए थे। सलेक्शन प्रक्रिया लिखित टेस्ट के आधार पर होनी थी। परीक्षा में जो छात्र टॉप-50 में आने थे। उनका जेई और एसडीई के लिए चयन हुआ था। इसका पेपर भी उसी दिन हुआ था। इन 50 में केवल 19 एसडीई के एग्जाम में अपीयर हुए, जबकि अन्य गैर हाजिर रहे। आरोप है कि इन परीक्षार्थियों एसडीई के एग्जाम वाला प्रश्न पत्र हासिल कर लिया था। इसलिए उसमें ही वह अपीयर हुए थे। वहीं, जो परीक्षार्थियों की उत्तर पुस्तिकाएं थी, उनका जवाब एक जैसा था। वही, सब में एक जैसी ही गलती थी। उन्होंने बहुत ही अधिक अंक हासिल किए थे।