बीएसएफ के रिटायर्ड असिस्टेंट कमांडेंट बनवारी लाल शर्मा की फाइनेंसर बेटी कांता शर्मा को जींद के गांव रोझला के प्रवीण ने गोली मारकर मौत के घाट उतारा था। करनाल के पूंडरी के प्रवीण ने पूछताछ में पुलिस को यह बात बताई है।
प्रवीण ने पूछताछ में बताया है कि वारदात वाले दिन 19 मार्च को वह, रोहतक के गांव बहू अकबरपुर का अमित उर्फ राजेश उर्फ भोलू और जींद के रोझला का प्रवीण उसकी कार में यहां सेक्टर 1-4 में पहुंचे थे। उसके बाद भोलू ने प्रवीण रोझला के फोन से कांता से बात की और फिर वह आई तो उसे कार में बिठा लिया था। कांता भोलू को पहले से जानती थी। इसलिए वह बेहिचक कार में बैठ गई थी। मगर कांता को उन तीनों का इरादा नहीं पता था। गाड़ी कुछ आगे बढ़ी तो वह बेचैन होने लगी। इस पर थप्पड़ मारकर उसे चुप करा दिया गया और पिस्तौल दिखाकर डरा दिया गया। इसके बाद वह जान चुकी थी कि वह फंस चुकी है, मगर उसे उनके चंगुल से निकलने का कोई रास्ता न मिला।
तीनों रोझला ले गए थे कांता को
पुलिस के अनुसार अपहरणकर्ताओं ने बाद में मोबाइल से उसकी बहन भावना से संपर्क किया। 20 लाख रुपये फिरौती देने की मांग की और उन्हें जींद बुलाया। खुद कांता ने फोन पर परिजनों से कहा था कि पुलिस को मत बताना, नहीं तो येे मुझे गोली मार देंगे। परिजन मिलगेट चौकी में शिकायत दे आए थे। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ अपहरण कर फिरौती मांगने का केस दर्ज कर लिया था। प्रवीण ने बताया कि वे रात को कांता को रोझला में एक सूने मकान में ले गए थे। इस बीच वे 20 लाख रुपये देने के लिए कांता के परिजनों से फोन पर बात करते रहे। सुबह होने पर उन्होंने उन्हें जींद की बजाए सफीदों बुलाया, ताकि पुलिस को पता हो तो उसे गच्चा दे सकें। सफीदों का समय तय कर दोनों प्रवीण बताए गए स्थान पर जाकर कांता के परिजनों का इंतजार करने लगे। मगर पुलिस की भनक मिलने पर वे डरकर रोझला लौटे थे। फिर वे असमंजस में थे कि कांता को छोड़ें या मारें। आखिर उसे मारने का फैसला ही लिया। प्रवीण ने बताया कि वे 20 मार्च की रात उसे सफीदों क्षेत्र में लेकर पहुंचे थे। नहर के किनारे कार से उतरते ही उसने और भोलू ने कांता को पकड़ लिया था और रोझला के प्रवीण ने उसकी छाती में गोली मार दी थी। दम तोड़ते ही उसे साथ लगती नहर में फेंक दिया था। वह नहर सफीदों क्षेत्र से भिवानी पहुंचती है। भिवानी के क्षेत्र में 26 मार्च को शव मिला था।
सब करा-धरा भोलू का
पूछताछ में प्रवीण ने बताया कि यह सब भोलू के कहने पर किया गया। उसने बताया था कि अपहरण से उनको मोटी रकम मिल जाएगी। इसी प्लान के तहत वे यहां आए थे। पुलिस के अनुसार भोलू का एक रिश्तेदार यहां शिवनगर में रहता है। वह रिश्तेदार के पास आताजाता रहा है। इसी दौरान उसकी मुलाकात यहां कांता से हुई थी। फाइनेंस के धंधे में झगड़े-फसाद का अंदेशा बना रहता है। भोलू ने कांता को झांसा देकर कहा था कि कोई तुम्हारे धंधे में अड़ंगा लगाए तो एक फोन कर देना। अगले की बोलती तुरंत बंद कर दूंगा, चाहे वह कितना बड़ा बदमाश क्यों न हो। इसी को लेकर वह भोलू पर विश्वास करती थी और उसके बुलाने पर कार में बैठ गई थी।
चार दिन के मिला रिमांड
मिलगेट चौकी प्रभारी सतबीर सिंह सैनी की टीम ने आरोपी पूंडरी निवासी प्रवीण को मंगलवार को न्यायिक दंडाधिकारी वंदना की अदालत में पेश किया और उसका सात दिन का रिमांड मांगा। अदालत ने चार दिन का रिमांड मंजूर किया। पुलिस ने अदालत में दलील देकर कहा कि आरोपी की निशानदेही पर यूपी के मुजफ्फरनगर से एक पिस्तौल और पूंडरी से वारदात में प्रयुक्त कार बरामद करनी है। इसके अलावा मुख्य आरोपी प्रवीण रोझला के संभावित ठिकाने जानने के लिए पूछताछ करनी है और घटनास्थल की निशानदेही करानी है।
भोलू और प्रवीण को आमने-सामने बिठाकर होगी पूछताछ
पुलिस ने अदालत से अनुरोध किया है कि जेल में बंद रोहतक के गांव बहू अकबरपुर के अमित उर्फ भोलू का प्रोडक्शन वारंट जारी किया जाए। हमें उससे पूछताछ करनी चाहिए। अदालत ने उसका प्रोडक्शन वारंट 31 तारीख के लिए मंजूर कर लिया। पुलिस उसका फिर से रिमांड हासिल करेगी। पुलिस अब दोनों आरोपियों को आमने-सामने बिठाकर पूछताछ करेगी। पुलिस का मानना है कि आमने-सामने वे झूठ नहीं बोल पाएंगे और उनसे पूछताछ में नई बातें निकलकर सामने आएंगी।