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हाई टेंशन लाइन के तार से झुलसा युवक, मौत

Thu, 13 Sep 2018 11:51 PM IST
हाई टेंशन लाइन के तार से झुलसा युवक, मौत
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Due to the high tension line stroke young man, death - फोटो : amarujala
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अजीतमल (औरैया)। कोतवाली क्षेत्र के बिलावा गांव में हाईटेंशन लाइन के तार से झुलसकर युवक की मौत हो गई। हादसे से गुस्साए परिजनों ने अजीतमल सब स्टेशन पर शव रखकर हंगामा किया। सूचना पर पहुंचे एसडीएम और भाजपा नेताओं ने परिजनों को समझाकर शांत कराया।
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बिलावा निवासी शिवलाल का बेटा सुवेंद्र उर्फ गौरव दिल्ली में प्राइवेट काम करता है, तीन दिन पहले वह घर आया था। गुरुवार दोपहर वह जानवरों लिए चारा लेकर घर आ रहा था, तभी खेतों से निकले हाईटेंशन लाइन के तार से उसका हाथ छू गया, जिससे वह झुलसकर सड़क पर गिर गया। आनन फानन में ग्रामीण उसे सीएचसी अजीतमल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने शव को बिजली सबस्टेशन पर रखकर हंगामा करना शुरू कर दिया। परिजनों ने डीएम को मौके पर बुलाने बिजली विभाग के खिलाफ कार्रवाई करने और मृतक परिजनों को मुआवजा देने की मांग की। इसपर एसडीएम विजय प्रताप सिंह, सीओ लालता प्रसाद और कोतवाली प्रभारी बलिराज शाही मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझाने का प्रयास किया। कई घंटे बाद भाजपा नेता सोनू सेंगर, विशंभर सिंह भदौरिया, मंजुल पांडेय आदि ने पहुंचकर परिजनों से कहा कि वे मुख्यमंत्री कोष से राहत राशि दिलाने का प्रयास करेंगे। इसके अलावा बिजली विभाग से भी मुआवजा दिलवाया जाएगा। इसके बाद कोतवाली पुलिस ने शव का पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
एसडीएम विजय प्रताप सिंह ने बताया कि परिजनों की मांग पर बिजली विभाग से मुआवजा दिलवाने तथा मुख्यमंत्री कोष से धनराशि दिलवाने के लिए शासन को पत्र भेजा जाएगा।
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सब स्टेशन बंद कर चले गए कर्मी
अजीतमल। युवक की मौत के बाद परिजन ग्रामीणों के साथ जैसे ही बिजली उपकेंद्र अजीतमल पर पहुंचे तभी बिजली विभाग के अधिकारी और कर्मचारी सब स्टेशन बंद कर चले गए। विभाग में हंगामा होने के अंदेशा के चलते एसडीएम विजय प्रताप सिंह, तहसीलदार प्रेमनारायण प्रजापति, सीओ लालता प्रसाद शुक्ल, कोतवाली प्रभारी बलिराज शाही सहित सभी चौकियों के प्रभारी और पुलिस बल मौजूद रहा। ब्यूरो
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गौरव ही पिता का बटाता था हाथ
गौरव के पिता शिवपाल ने बताया कि वह राजमिस्त्री हैं। परिवार में पांच बहनों और दो भाइयों में गौरव ही दिल्ली में कपड़ों की सिलाई कर परिवार के भरण पोषण में उनका सहयोग करता था। बड़ी बहनों की शादी में भी उसने पूरा सहयोग किया था। उसकी मौत के बाद पूरी तरह कमर टूट गई है। अभी तीन लड़कियों की शादी भी करनी है जो उसके बिना कैसे हो सकेगी। ब्यूरो
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