कलायत। विवाह में घुड़चढ़ी की रस्म एक दलित परिवार को महंगी पड़ी। कलायत नगर के वार्ड 11 में खुशियों से झूम रहे परिवार के लोगों पर बदमाशों ने लाठियां बरसानी शुरू कर दी। इस हमले में दूल्हे गुरमीत के दादा मामू राम, मां बतेरी देवी, शिक्षक राजेश और अन्य सगे संबंधियों को बुरी तरह से जख्मी कर दिया।
लोगों को समझ ही नहीं आया कि अचानक हमलावर कहां से आए और वारदात को अंजाम देकर कहां फुर्र हो गए। पुलिस स्टेशन से कुछ दूरी पर 11 जुलाई की रात्रि को घटी इस घटना पर अभी तक इसलिए पर्दा डला रहा क्योंकि पुलिस कार्रवाई के लिए मेडिकल की मांग कर रही थी।
परिवार के लोगों ने जब सरकारी अस्पताल द्वारा जारी की गई स्लिप को दिखाया तो एक नया सवालिया निशान खड़ा हो गया। पेसेंट हेल्थ केयर कार्ड पर आपातकालीन सर्विस यूनिट द्वारा 2 जुलाई 2016 की तिथि चस्पा थी। यह देखकर पुलिस हैरान रह गई उन्हें पीड़ित परिवार की शिकायत पर विश्वास नहीं हो रहा था।
लेकिन तहकीकात ने दूध का दूध और पानी का पानी करके रख दिया। अस्पताल के रिकार्ड रजिस्ट्री में 12 जुलाई को मामू राम की एंटरी थी। कार्ड पर 2 जुलाई क्यों अंकित किया गया यह गंभीर जांच का विषय है।
62 वर्षीय घायल मामू राम ने बताया कि हमलावरों ने उसे और परिवार के लोगों को बेहरमी से पीटा। उनकी मंशा क्या थी यह उन्हें मालूम नहीं। परिवार के लोग उसी दिन से अस्पताल और पुलिस के चक्कर लगा रहे है। हालांकि पुलिस ने शुक्रवार को उनकी शिकायत स्वीकार कर ली।
थाना प्रबंधक देवेंद्र शर्मा ने बताया कि पीड़ित की शिकायत को गंभीरता से लिया गया है। मामले की तहकीकात जारी है। घटना के पीछे कारक क्या है और इसे किसने अंजाम दिया, इन तथ्यों की बारीकी से जांच होगी। कानून को हाथ में लेने वालों को कतई बक्शा नहीं जाएगा।