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हिसार: नाबालिग से दुष्कर्म मामले में निर्दोष को फंसाया और दोषी को छोड़ा, अदालत ने सुनाया ये फैसला

Tue, 22 Feb 2022 02:04 AM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार (हरियाणा)

सार

अदालत ने तफ्तीश में पुलिस की ओर से घोर लापरवाही बरतने पर डीएसपी और दो इंस्पेक्टर के खिलाफ कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं। साथ ही इन कर्मियों के वेतन से 2 लाख काट कर पीड़ित को देने के आदेश दिए हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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हरियाणा के हिसार में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सीमा सिंघल की अदालत ने 12 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म करने के मामले में 11 महीने से जेल में बंद आरोपी मुकेश को निर्दोष मानते हुए बरी कर दिया है। पुलिस की ओर से इस मामले में पहले गिरफ्तार कर बाद में क्लीन चिट दिए गए भूप सिंह पर कार्रवाई के आदेश दिए हैं। अदालत ने तफ्तीश में पुलिस की ओर से घोर लापरवाही बरतने पर डीएसपी और दो इंस्पेक्टर के खिलाफ कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं।

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उपायुक्त और हांसी पुलिस अधीक्षक को ये आदेश दिए हैं कि बरी किए गए युवक को तीनों पुलिस अधिकारियों की सैलरी में से 2 लाख रुपये मुआवजा दिया जाए। आरोपी भूप सिंह के खिलाफ 17 मार्च तक रिपोर्ट बना कर भेजें। इस मामले में अगली सुनवाई 17 मार्च को होगी। 

अदालत के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार हांसी सदर थाना पुलिस ने 19 फरवरी 2021 को दुष्कर्म, जान से मारने की धमकी देने और पोक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज किया था। गांव के व्यक्ति ने पुलिस को शिकायत देकर कहा था कि मेरी पत्नी 12 साल की बेटी को नहला रही थी तो उसके कपड़ों में खून देखा।
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बेटी से पूछने पर उसने बताया कि 11 फरवरी को दो युवक मुझे धर्मशाला के पीछे सुनसान जगह पर ले गए थे। वहां पर एक युवक ने मेरे साथ दुष्कर्म किया था।  चाकू दिखाकर कहा था कि यह बात किसी को बताई तो तुझे जान से मार देंगे। डर के चलते बेटी ने कुछ नहीं बताया। मेरी बेटी ने गली से गुजरते हुए युवक को देखकर अपनी मां को सारी बात बताई।

मैं अपने दोस्त के साथ घर गया। फिर मैं दोस्त के साथ बेटी को लेकर उस युवक को तलाशते हुए गांव के चौक पर गया। बेटी ने वहां खड़े एक युवक को पहचान लिया। बाद में हांसी सदर थाना पुलिस ने केस दर्ज कर गांव के भूप सिंह को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने बाद में आरोपी भूप सिंह को क्लीनचिट देकर डिस्चार्ज कर दिया था। इस मामले में पुलिस ने 15 मार्च 2021 को दूसरे आरोपी मुकेश को गिरफ्तार किया था। 

एफएसएल रिपोर्ट में मिलान नहीं..
अदालत से मिली जानकारी के अनुसार पुलिस ने पहले आरोपी भूप सिंह को गिरफ्तार किया। अदालत में पीड़िता के 164 के बयान दर्ज करवाए। उस दौरान पीड़िता ने भूप सिंह का नाम लिया था। उसके बाद भी पुलिस ने आरोपी भूप सिंह को क्लीनचिट दे दी और मुकेश को आरोपी बनाया।

अक्सर अदालत में सरकारी वकील चालान फाइल करता है लेकिन इस केस में संबंधित डीएसपी ने अदालत में चालान पेश किया। इसके अलावा एफएसएल में भेजी रिपोर्ट में आरोपी मुकेश के जो सैंपल भेजे गए थे उनसे मिलान नहीं हुआ। इस मामले में अदालत ने तफ्तीश करने के बाद आरोपी मुकेश को बरी कर दिया। मामले से जुड़े डीएसपी और दो इंस्पेक्टर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने आदेश हांसी पुलिस अधीक्षक को दिए हैं। इसके अतिरिक्त 17 मार्च तक पहले आरोपी भूप सिंह के खिलाफ रिपोर्ट देने के आदेश भी जारी किए हैं।

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