इंग्लैंड के ऑलराउंडर बेन स्टोक्स पिछले मैच में अपनी कप्तानी में हार गए थे, लेकिन दूसरे टेस्ट में वेस्टइंडीज के खिलाफ मिली 113 रन की जीत में वह नायक साबित हुए। वेस्टइंडीज को जीत के लिए 312 रन का लक्ष्य मिला था। मेहमान टीम की पारी 70.1 ओवरों में 198 रन पर सिमट गई। ब्रूक्स (62), जर्मेन ब्लैकवुड (55) और कप्तान जेसन होल्डर (35) के हार टालने के प्रयास नाकाफी रहे।
एक समय वेस्टइंडीज ने 37 रन पर चार विकेट गंवा दिए थे, लेकिन पांचवें विकेट पर ब्रूक्स और ब्लैकवुड ने 100 रन की साझेदारी की। चायकाल से पहले स्टोक्स ने ब्लैकवुड को आउट कर दिया। निचले क्रम के बल्लेबाजों से ज्यादा उम्मीद नहीं की जा सकती थी। चौथे दिन रविवार को चायकाल के बाद विंडीज की पहली पारी में तीन विकेट चटकाकर मैच की तस्वीर बदलने वाले 34 साल के गेंदबाज ब्रॉड (3/42) ने शानदार वापसी की।
उन्हें पहले मैच में शामिल नहीं किया गया था। इसके अलावा क्रिस वोक्स (2/34), बेन स्टोक्स (2/30) और स्पिनर बेस (2/59) ने भी भूमिका अदा की। तीन मैचों की सीरीज 1-1 से बराबरी पर आ गई है। तीसरा टेस्ट 24 जुलाई से मैनचेस्टर में ही शुरू होगा। पहली पारी में 182 रन की बढ़त लेने वाली इंग्लैंड की टीम ने दूसरी पारी तीन विकेट पर 129 रन बनाकर स्थगित कर दी। ओपनिंग पर उतरे बेन स्टोक्स ने नाबाद 78 रन बनाए।
ओली पोप 12 रन पर नाबाद रहे। इंग्लैंड ने पांचवें दिन दो विकेट पर 37 रन से आगे खेलना शुरू किया था। स्टोक्स ने 57 गेंदों की अपनी तेज तर्रार पारी में चार चौके और तीन छक्के लगाए। कप्तान रूट (22) ने रनआउट होने से पहले सुबह 43 गेंदों पर स्टोक्स के साथ 53 रन जोड़े। इंग्लैंड ने 66 गेंदों पर 92 रन बनाकर विंडीज के लिए लक्ष्य 300 से ऊपर कर दिया।
स्टोक्स का 12 महीनों में चौथा मैन ऑफ द मैच
बेन स्टोक्स का 12 महीनों में यह चौथा मैन ऑफ द मैच अवॉर्ड है। पहली पारी में 176 रन की पारी खेलने वाले स्टोक्स ने दूसरी पारी में 78 रन की पारी खेली। गेंद से भी योगदान दिया। हालांकि दूसरी पारी में वह अपना 15वां ओवर पूरा नहीं कर पाए। उनकी मांसपेशियों में खिंचाव आ गया है।
ब्रॉड ने दिए शुरुआती झटके
पांचवें दिन मेहमान टीम को ब्रॉड ने दूसरी पारी में शुरुआती झटके दिए। जॉन कैंपबेल (04) और शाई होप (07) के विकेट अपनी झोली में डाले। तीसरा विकेट क्रूेग ब्रेथवेट का गिरा जिन्हें क्रिस वोक्स ने आउट किया। लंच के समय वेस्टइंडीज का स्कोर तीन विकेट पर 25 रन हो चुका था। सीरीज में पहला टेस्ट जीत चुकी वेस्टइंडीज की टीम की कोशिश मैच को ड्रॉ कराने की रहेगी क्योंकि शुरुआती लड़खड़ाहट के बाद 312 का लक्ष्य हासिल करना बेहद मुश्किल नजर आ रहा था।