भारतीय क्रिकेटर हार्दिक पांड्या ने घड़ी जब्त होने की खबरों को अफवाह बताते हुए हकीकत सबके सामने रखी है। उन्होंने अपने ट्विटर अकाउंट पर पोस्ट कर बताया कि कस्टम विभाग ने उनकी घड़ियां जब्त नहीं की थी, बल्कि वो खुद उनके पास गए थे ताकि कस्टम ड्यूटी दे सकें। साथ ही उन्होंने बताया कि घड़ी की कीमत पांच करोड़ नहीं डेढ़ करोड़ है। इससे पहले खबरें आई थी कि कस्टम विभाग ने दुबई से भारत लौट रहे हार्दिक पांड्या की दो महंगी घड़ियां जब्त कर ली हैं। पूछताछ में हार्दिक संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए थे और उनके पास बिल भी नहीं था। पहले घड़ियों की कीमत पांच करोड़ बताई गई थी।
हार्दिक ने क्या कहा
हार्दिक पांड्या ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पूरे मामले की जानकारी देते हुए कहा कि 15 नवंबर को दुबई से लौटने के बाद वो खुद कस्टम विभाग के अधिकारियों के पास गए थे और उन्हें उन सभी चीजों के बार में बताया जो उन्होंने दुबई में खरीदी थीं। ताकि वो कस्टम ड्यूटी भर सकें। अधिकारियों के कहने पर उन्होंने खरीद से संबंधित सभी कागज भी जमा कर दिए हैं और घड़ी के साथ बाकी चीजों की कीमत और उनकी कस्टम ड्यूटी का आंकलन हो रहा है। इस घटना को लेकर गलत खबरें चल रही हैं, इसलिए वो सब कुछ साफ करना चाहते हैं।
हार्दिक ने यह भी बताया कि घड़ी की कीमत लगभग डेढ़ करोड़ है और बहुत सारी घड़ी नहीं जब्त की गई हैं। उन्होंने आगे लिखा कि उनके ऊपर लगाए गए सभी आरोप गलत हैं और उन्होंने कस्टम अधिकारियों का पूरा सहयोग किया है। अधिकारी भी हार्दिक का सहयोग करते हुए पूरी प्रक्रिया आसानी से निपटा रहे हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि वो कानून के तहत काम करने वाले इंसान हैं।
निराशाजनक रहा भारत का प्रदर्शन
दुबई में हुए आईसीसी टी-20 विश्व कप में भारत का प्रदर्शन काफी निराशाजनक रहा। भारत उन देशों में शामिल था, जो इस बार विश्व कप जीतने के प्रमुख दावेदार माने जा रहे थे, लेकिन पहले ही मुकाबले में पाकिस्तान के हाथों मिली हार और इसके बाद न्यूजीलैंड से हारने के बाद प्रशंसकों की उम्मीदों पर पूरी तरह से पानी फिर गया। इस बार के विश्व कप में भारत सेमीफाइनल में भी जगह नहीं बना पाया।