आईपीएल के शुरुआती संस्करण में अपने विस्फोटक बल्लेबाजी से सबका मनमोहने वाले युसूफ पठान का बल्ला पिछले तीन सत्रों से रुठा हुआ है।
अपने दमदार शॉटों से मैच का रुख पलटने में माहिर युसूफ पठान पिछली बार की तरह इस बार भी आईपीएल में पूरी तरह से फ्लाप रहे हैं और अपना फार्म पाने के लिए जद्दोजहद कर रहे हैं। लेकिन फार्म है कि वापस उनके पास लौट कर आना नहीं चाहती।
पठान जैसे बल्लेबाज के पूरी तरह से असफल होने का खमियाजा उनकी टीम कोलकाता नाइटराइडर्स को भी भुगतना पड़ रहा है। कोलकाता इस बार आईपीएल खिताब बचाने के अभियान में जुटी है लेकिन पिछले 12 मैचों में 8 हार के बाद उसके टूर्नामेंट से बाहर होने का खतरा मंडरा रहा है।
आईपीएल में पिछले तीन सत्र और 39 पारियों से एक अदद अर्धशतक के लिए तरस रहे हैं युसूफ पठान। आईपीएल 6 से पूर्व परिणय सूत्र में बंधने के बावजूद बड़े पठान की किस्मत नहीं चमकी।
हालांकि इस दौरान उन्होंने 40 रन से ज्यादा की तीन पारियां खेली जिसमें टीम को जीत मिली। लेकिन यह जीत भी उनके खाते में नहीं गई क्योंकि कप्तान गौतम गंभीर व अन्य शीर्ष बल्लेबाजों की शानदार शुरुआत ने पहले ही जीत की रास्ता तय कर दिया था।
फार्म में वापसी के लिए उन्होंने व उनकी टीम प्रबंधन ने कई जतन किए पर कुछ खास सफलता हाथ नहीं लगी। प्रबंधन ने उन्हें ओपनिंग से लेकर सातवें क्रम तक बल्लेबाजी के लिए भेजा लेकिन अपनी पुरानी सफलता दोहरा पाने में नाकामयाब रहे।
बल्लेबाजी में असफलता का असर उनकी क्षेत्ररक्षण पर भी पड़ा और कई आसान कैच भी टपकाए। साथ ही गेंदबाजी में भी सफलता हाथ नहीं लगी।
शुरुआत में इरफान पठान के बड़े भाई की आतिशी बल्लेबाजी देखकर लगा कि वह ट्वंटी-20 के लिए एकदम से परफेक्ट हैं लेकिन धीरे-धीरे उनकी बल्ले की धार कुंद होती गई। आज वह टीम इंडिया से बाहर हैं और उनकी राष्ट्रीय टीम में लौटने की संभावना भी लगभग खत्म हो गई है।
हालांकि पठान को पिछले 5-6 साल के कैरियर में उनके दो शतक के लिए जरूर याद किया जाएगा। 13 मई 2010 को आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स के लिए खेलते हुए उन्होंने मुंबई इंडियंस के खिलाफ बल्लेबाजी करते हुए महज 37 गेंदों में शतक ठोक दिया था और यह रिकॉर्ड इस साल 23 अप्रैल को टूटा जब रॉयल चैलेंजर्स बेंगलोर के क्रिस गेल ने 175 रनों की नाबाद पारी खेलते हुए विश्व रिकॉर्ड भी बनाया।
इसके अलावा उन्होंने 2011 में दक्षिण अफ्रीका में वनडे सीरीज के दौरान टीम इंडिया के लिए शानदार शतक लगाया था।
कोलकाता ने उन्हें दो मिलियन डॉलर प्रति सीजन के लिए में खरीदा था। लेकिन टीम प्रबंधन का उन पर खेला गया दांव फेल हो गया। अब जबकि उनकी टीम अपने खिताब की रक्षा करने में असफल साबित हो रही है। ऐसे में उनके भविष्य पर भी कयास लगने लगे हैं।
छोटे भाई इरफान की राष्ट्रीय टीम में वापसी भी हो गई है लेकिन बड़े मियां का क्या होगा।
टीम इंडिया से पहले ही बाहर चल रहे युसूफ पठान को अगले साल आईपीएल में अपनी जगह बनाने में खासी मुश्किलें भी आने वाली है क्योंकि अगले साल सारे खिलाड़ियों की नए सिरे से नीलामी की जाएगी