रविवार को कप्तान युवराज सिंह की खेली गई धमाकेदार पारी ने एक और भारतीय बल्लेबाज की आतिशी पारी को फीका कर दिया।
खब्बू बल्लेबाज युवराज की आतिशी शतकीय पारी ने वेस्ट इंडीज ए के खिलाफ पहले गैर आधिकारिक वनडे मैच में भारतीय टीम की जीत की राह तय कर दी थी।
बारिश से बाधित इस मुकाबले में युवराज ने 89 गेंदों में आठ चौके और सात छक्कों की मदद से ताबड़तोड़ 123 रनों की पारी खेली।
लेकिन उनके अलावा विस्फोटक यूसुफ पठान ने भी गजब की पारी खेली जिससे भारतीय टीम 42 ओवर में ही तीन सौ के पार पहुंच गई।
खराब फॉर्म के कारण लंबे समय से टीम इंडिया से बाहर चल रहे यूसुफ का बल्ला युवराज के बल्ले की तरह जमकर बोला।
37वें ओवर में पठान ने एश्ले नर्से की पहली ही गेंद पर छक्का जमाया। इसके बाद अगली दो गेंदों पर लगातार चौके जमाने के बाद चौथी गेंद पर भी मिडविकेट की दिशा में गगनचुंबी छक्का जड़ दिया।
नर्से पठान के आक्रामक अंदाज को देखकर डर गए और अंतिम गेंद फेंकने से पहले उन्होंने लगातार दो वाइड गेंद डाले। लेकिन इससे पठान पर कोई असर नहीं पड़ा और अंतिम गेंद पर भी छक्का जड़ दिया।
पठान ने पारी की अंतिम ओवर (42वें ओवर) में एनकुमार बोनर पर तीन छक्के ठोंके। इस ओवर में पहला छक्का दूसरी गेंद पर फिर दूसरा और तीसरा छक्का अंतिम दो गेंदों पर लगाया।
भारत ए का स्कोर 41 ओवर में चार विकेट पर 290 रन था। लेकिन पठान के तीन छक्कों से भारतीय टीम को स्कोर 312 रन तक पहुंच गया।
स्टेडियम में बैठे दर्शकों ने लंबे समय बाद पठान का बल्ला गरजते हुए देखा। वह 32 गेंदों में चार चौके के अलावा छह छक्के लगाकर 70 रन पर नाबाद लौटे।
भारत ए ने यह मैच 77 रनों से जीतकर तीन मैचों की गैर आधिकारिक वनडे सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है।