भारत और इंग्लैंड के बीच दूसरा टेस्ट सोमवार को भारत की जीत के साथ खत्म हो गया। भारतीय टीम ने इंग्लैंड से पिछली हार का बदला लेते हुए सीरीज 1-1 की बराबरी पर ला दी है। इस मुकाबले में यशस्वी जायसवाल का शानदार प्रदर्शन देखने को मिला। उन्होंने विरोधी टीम के खिलाफ दूसरी पारी में दोहरा शतक जड़कर इतिहास रच दिया। उनके इस प्रदर्शन पर क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर ने भी प्रतिक्रिया दी जिसपर अब युवा बल्लेबाज ने रिएक्ट किया है।
जायसवाल ने बनाया खास रिकॉर्ड
जायसवाल ने 209 रन बनाए थे। इसके साथ ही वह भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट में दोहरा शतक लगाने वाले तीसरे सबसे युवा भारतीय बने। वह सुनील गावस्कर और विनोद कांबली के क्लब में शामिल हो गए। जायसवाल बाएं हाथ के पांचवें सलामी बल्लेबाज भी बन गए, जिन्होंने भारत के लिए टेस्ट में दोहरा शतक लगाया है। यशस्वी ने अपने टेस्ट करियर की 10वीं पारी में ही दोहरा शतक जड़ा और करुण नायर-विनोद कांबली के क्लब में शामिल हुए।
सचिन के रिएक्शन पर युवा बल्लेबाज ने दी प्रतिक्रिया
22 वर्षीय बल्लेबाज की शानदार पारी (209 रन) पर महान खिलाड़ी तेंदुलकर ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने बल्लेबाज की तारीफ करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पहले ट्विटर) पर लिखा, "शाबाश यशस्वी। बेहरतीन पारी"। इसपर अब युवा खिलाड़ी ने रिएक्ट किया है। उन्होंने दिग्गज को धन्यवाद देते हुए कहा, "मैंने सचिन तेंदुलकर से भी बात की। उन्होंने मुझे बधाई दी और कहा कि मैं कड़ी मेहनत करता रहूं। उन्होंने मुझसे कहा कि यह मेरे लिए एक महत्वपूर्ण समय है और निरंतरता बहुत महत्वपूर्ण है। सर की शुभकामनाओं के लिए धन्यवाद। मैं उनकी हमेशा प्रशंसा करता हूं। वह मेरे आदर्श हैं। थैंक यू सो मच सर....आपकी विश और सपोर्ट के लिए। मैं आगे भी कोशिश करता रहूंगा और सीखता रहूंगा।"
डेब्यू मैच में लगाना चाहते थे दोहरा शतक
मुंबई के लिए खेलने वाले इस खिलाड़ी ने भारत के लिए जुलाई, 2023 में डेब्यू किया था। वेस्टइंडीज के खिलाफ मुकाबले में उन्होंने 171 रनों की धुआंधार पारी खेली थी। अपनी इस पारी को वह दोहरे शतक में बदलना चाहते थे, लेकिन चूक गए थे। अब उन्होंने इसके विषय में बात की है। जायसवाल ने कहा, "पिछली बार, जब मैंने (वेस्टइंडीज के खिलाफ) 171 रन बनाए थे, तो मैं दोहरा शतक बनाना चाहता था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। मैं हमेशा सोचता हूं कि अगर मैं अपनी दिनचर्या पर ध्यान केंद्रित करूंगा, तो रन आएंगे। मेरे जीवन में प्रक्रिया बहुत महत्वपूर्ण है, चाहे मैं किसी भी अनुशासन का पालन करूं। मैं कितने बजे सोता हूं, क्या खाता हूं, कितनी अच्छी प्रैक्टिस करता हूं। मुझे लगता है कि अगर ये सब अच्छा रहेगा तो प्रदर्शन भी अच्छा रहेगा। जब मैं जाऊंगा मैदान पर, मैं आश्वस्त महसूस करता हूं क्योंकि मैं जानता हूं कि मैंने कितनी मेहनत की है और मुझे बस वहां जाकर खुद को अभिव्यक्त करने की जरूरत है। मैं हमेशा टीम के लिए खेलने की कोशिश करता हूं।"