पंत के बाद निशाने पर हैं चेतेश्वर पुजारा। कप्तान कोहली ने हमेशा की तरह एक बार फिर से पुजारा का नाम लिए बगैर हर किसी को जतला दिया कि उन्हें इस नई दीवार से परेशानी है। कोहली का ये कहना कि सेट बल्लेबाजों को रन बनाने के प्रयास करना चाहिए ये बयां करने के लिए काफी है कि कप्तान पुजारा की शैली से खुश नहीं थे। लेकिन, कोहली को ज्यादा दूर नहीं बल्कि केन विलियमसन की तरफ नजर दौड़ाने की जरुरत है, जिन्होंने पुजारा-वाली-शैली में ही दोनों पारियों में बेशकीमती रन बनाए। बिना स्ट्राइक रेट की परवाह किए। अनिल कुंबले ने पुजारा का बचाव करते हुए एक बार कहा था कि टेस्ट मैच में स्ट्राइक रेट की बात बेमानी है। लेकिन, हर हार के बाद इस शानदार खिलाड़ी को सवालों के घेरे में लाना उनके अनुभव का सम्मान नहीं करने जैसा है।
पुजारा के बाद एक और आसान शिकार हैं अंजिक्य रहाणे। कोहली की ही तरह रहाणे ने भी पहली पारी में एक शानदार पारी खेली लेकिन दूसरी पारी में वो नाकाम हुए तो उन्हें बलि का आसान बकरा बनाया जाने लगा। सवाल उनकी तकनीक और टैम्प्रामैंट से लेकर इंग्लैंड में उनके रिकॉर्ड को लेकर बहस शुरु करा दी गई है। लेकिन, टीम के उप-कप्तान जिसने कुछ ही महीने पहले ऑस्ट्रेलिया में ऐतिहासिक टेस्ट सीरीज जीत दिलवायी, उस पर अचानक इतना दबाव बनाना सही है?
ऐसा नहीं है कि ये तीनों खिलाड़ी हार के लिए जिम्मेदार नहीं थे और इनकी आलोचना नहीं होनी चाहिए। लेकिन, अगर कटघरे में किसी को खड़ा करना है तो न्याय-संगत तरीके से करें। आखिर, रोहित शर्मा को क्यों छोड़ दिया गया जो ओपनर के तौर पर विदेश में एक बार फिर से नाकाम रहे? कप्तान कोहली को क्यों छोड़ दिया गया, जो सबसे अहम लम्हें में एक बार फिर फेल हुए? कोच रवि शास्त्री को क्यों छोड़ दिया जाए, जिन्होंने एक दिन का मौका मिलने के बावजूद प्लेइंग इलेवन में बदलाव नहीं किया और दो स्पिनर खिलाने की जिद पर अड़े रहे जबकि मौसम और पिच के मुताबिक एक अतिरिक्त तेज गेंदबाज या एक बल्लेबाज को खिलाना ज्यादा बेहतर रहता? और ऐसा मैच के नतीजे के बाद नहीं कहा जा रहा है। इंग्लैंड के दो शानदार पूर्व कप्तान माइकल एथर्टन और नासिर हुसैन लगातार कामेंट्री के दौरान टीम इंडिया के इस गेम प्लान पर अचंभित महसूस कर रहे थे। कुल मिलाकर देखा जाए तो अगर जीत का सेहरा कप्तान और कोच के सिर पर होता है तो हार की जिम्मदारी भी इनके माथे होना चाहिए। बेवजह में दूसरे खिलाड़ियों को बलि का बकरा ना बनाया जाना चाहिए।
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