घरेलू घरेलू जमीन पर इंग्लैंड के हाथों मिली लगातार दूसरी हार के लिए भारत के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने बल्लेबाजों को दोषी ठहराया है। साथ ही उन्होंने कप्तानी नहीं छोड़ने की बात कही है।
मैच के बाद कप्तानी छोड़ने के सवाल पर धोनी ने कहा, 'टीम को मेरी जरूरत है, ऐसे समय में कप्तानी नहीं छोड़ सकता हूं'। भारतीय कप्तान ने कहा, 'मैं उन लोगों में से नहीं हूं जो भाग खड़े होते हैं, मेरी कप्तानी पर कोई भी फैसला बीसीसीआई करेगा।' उन्होंने कहा कि नागपुर में होने वाले सीरीज के अंतिम मैच में भारतीय टीम पूरी तैयारी के साथ उतरेगी।
धोनी ने कहा, 'मेरे लिए मेरी जिम्मेदारी है अपनी टीम को एकजुट रखना है और अगले मैच के लिए खुद को तैयार रखना। इसके लिए अनुभव की जरूरत होती है कि आप टीम में अनुभवी और युवा खिलाड़ियों के सही संयोजन को रखें।'
हार का लंबा सिलसिला
उल्लेखनीय है कि धोनी की कप्तानी में टीम पिछले 16 टेस्ट मैचों में से 9 हार चुकी है। वैसे टीम ने दस मैच हारे हैं लेकिन एक में धोनी पर लगे प्रतिबंध के कारण सहवाग ने कप्तानी की थी। इस बीच टीम ने वेस्टइंडीज और न्यूजीलैंड के खिलाफ घर पर दो-दो टेस्ट मैच जीते हैं। साथ ही 13 साल बाद यह पहला मौका है जब भारतीय टीम अपनी जमीन पर लगातार दो टेस्ट मैच हारी है। साल 1999-2000 के भारत दौर पर दक्षिण अफ्रीका ने दो टेस्ट मैचों की सीरीज में टीम इंडिया के खिलाफ क्लीन स्विप किया था।
नागपुर टेस्ट के लिए हो जाएं तैयार
मैच के बाद धोनी ने कहा कि हमारे बल्लेबाजों को बड़ा स्कोर बनाना चाहिए था ताकि हम अपने गेंदबाजों को बचाव करने लायक स्कोर दे सकें। हमने लगातार 300 का स्कोर नहीं बनाया। इस विकेट पर हमें 450 से अधिक का स्कोर बनाना चाहिए था।
सीरीज में 2-1 से पिछड़ चुकी भारतीय टीम के कप्तान ने हालांकि चौथे और अंतिम टेस्ट में जीत का भरोसा जताते हुए कहा, 'नागपुर टेस्ट में हमारे पास सीरीज ड्रॉ कराने का मौका है। अंतिम टेस्ट के लिए अब सभी को कमर कसनी होगी। टीम के बल्लेबाजों से लेकर गेंदबाजों तक को बेहतरीन प्रदर्शन करना होगा।'