वर्ल्ड कप के 21वें मुकाबले में न्यूजीलैंड को चार विकेट से हराकर टीम इंडिया इस टूर्नामेंट में लगातार सभी मैच जीतते हुए आगे बढ़ रही है। रविवार 22 अक्तूबर को धर्मशाला में खेले गए मुकाबले में भारतीय बल्लेबाज विराट कोहली ने रवींद्र जडेजा के साथ मिलकर छठे विकेट के लिए 78 रनों की साझेदारी की। इन दोनों की इस साझेदारी ने टीम इंडिया को मैच जिताने में अहम भूमिका निभाई। इन दोनों की ये साझेदारी वर्ल्ड कप में भारत के लिए छठे विकेट या उससे नीचे के विकेटों के लिए बड़ी साझेदारी है।
छठे विकेट के लिए विराट-जडेजा ने बनाई बड़ी साझेदारी
वर्ल्ड कप में न्यूजीलैंड के खिलाफ विराट कोहली ने 95 रनों की पारी खेली, वहीं रवींद्र जडेजा 39 रनों की पारी खेलकर नाबाद रहे। दोनों ने छठे विकेट के लिए 78 रनों की साझेदारी की। हालांकि, वर्ल्ड कप में इन दोनों की ये साझेदारी छठे विकेट या उससे नीचे के विकेटों के लिए सबसे बड़ी साझेदारियों में से एक है। इससे पहले 2019 वर्ल्ड कप में मनचेस्टर में खेले गए सेमीफाइनल मुकाबले में न्यूजीलैंड के खिलाफ भारत ने महेंद्र सिंह धोनी और रवींद्र जडेजा ने 116 रनों की साझेदारी की थी।
वहीं 2011 के वर्ल्ड कप क्वार्टरफाइनल में सुरेश रैना और युवराज सिंह ने अहमदाबाद में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 74 रनों की साझेदारी की थी। बंगलूरू में खेले गए 1987 वर्ल्ड कप मुकाबले में न्यूजीलैंड के खिलाफ कपिल देव और किरन मोरे के बीच 82 रनों की साझेदारी हुई थी। 1983 वर्ल्ड कप के मुकाबले में वेल्स में जिम्बाब्वे के खिलाफ कपिल देव और सैयद किरमानी के बीच 126 रनों की साझेदारी हुई थी।
रन चेज करते हुए भारत ने हासिल की जीत
साझेदारी के अलावा इस टूर्नामेंट में भारत ने वर्ल्ड कप में सबसे बड़े स्कोर को चेज करने का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया है। धर्मशाला में न्यूजीलैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत के सामने जीत के लिए 274 रनों का लक्ष्य रखा। भारत ने बड़ी ही आसानी से इस लक्ष्य को 48 ओवर में ही पूरा कर लिया। इससे पहले इसी टूर्नामेंट में अफगानिस्तान के खिलाफ खेले गए मुकाबले में भारत ने चेज करते हुए 273 रनों का लक्ष्य हासिल किया था।
वर्ल्ड कप 2015 में ऑकलैंड में जिम्बाब्वे के खिलाफ 288 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत ने मुकाबला अपने नाम किया था। 2011 में खेले गए वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले में श्रीलंका के खिलाफ 275 रनों के लक्ष्य को चेज करते हुए भारत ने जीत हासिल की थी। वहीं 2003 के वर्ल्ड कप में सेंचुरियन में पाकिस्तान के खिलाफ भारत ने 274 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए मुकाबला जीता था।