विपक्षी खेमे में कभी खौफ पैदा करने वाले विस्फोटक बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग लंबे समय से भारतीय टीम से बाहर चल रहे हैं। हाल ही में बीसीसीआई ने सहवाग को केंद्रीय अनुबंध से भी बाहर कर दिया।
इसके बावजूद सहवाग के प्रशंसकों को उम्मीद थी कि सचिन तेंदुलकर समेत कई दिग्गजों के संन्यास के बाद वीरू के अनुभव के देखते हुए उन्हें दक्षिण अफ्रीका जाने वाली भारतीय टीम में जगह मिल सकती है। लेकिन ऐसा नहीं हुआ और चयनकर्ताओं ने एक बार फिर वीरू को न केवल टेस्ट बल्कि वनडे टीम से भी नजरअंदाज कर दिया।
ऐसे में अब सवाल यह उठने लगे कि क्या अब कभी सहवाग की भारतीय टीम में वापसी हो सकेगी? सहवाग के साथ पारी की शुरुआत करने वाले गौतम गंभीर को भी मौका नहीं दिया गया है। जबकि 35 साल के तेज गेंदबाज जहीर खान की टीम में वापसी हो गई है।
जारी है खराब फॉर्म
35 वर्षीय सहवाग के लिए परेशानी का सबब यह है कि वह घरेलू क्रिकेट में भी रन बनाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। 2013-14 घरेलू सीजन में सहवाग का दिल्ली के लिए खेलते हुए सर्वाधिक स्कोर 59 रन था जो उन्होंने चैलेंजर्स ट्रॉफी में बनाया था।
वहीं, फर्स्ट क्लास क्रिकेट में वेस्टइंडीज ‘ए’ के खिलाफ हुबली में वह सिर्फ 38 रन ही बना सके। दिल्ली की ओर से रणजी ट्रॉफी के तीन राउंड में भी सहवाग फ्लॉप रहे और छह पारियों में सिर्फ 69 रन ही जोड़ सके।
सहवाग का यह खराब प्रदर्शन दिखाता है कि कभी गेंदबाजों की धज्जियां उड़ाने वाला यह बल्लेबाज आज एक-एक रन बनाने के लिए तरस रहा है। आखिर सहवाग की इस खराब फॉर्म की क्या वजह है? उनकी तकनीक में समस्या है या फिर उनका मनोबल गिरा हुआ है?
'वीरू को ही दूर करनी है समस्या'
पूर्व कोच गैरी कर्स्टन के साथ काम करने वाले भारतीय टीम के पूर्व मेंटल कंडीशनिंग कोच पैडी अप्टन का कहना है कि समस्या का समाधान सहवाग पर निर्भर करता है। उन्होंने कहा, "सहवाग की राह में एक कांटा आ गया है और इसे उन्हें ही निकालना है। उनके पास अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट लगातार जारी रखने के लिए काबिलियत और अनुभव का रास्ता है या फिर संन्यास लेने का रास्ता है।"
दूसरी ओर, पूर्व भारतीय कप्तान और चयनकर्ता दिलीप वेंगसरकर ने कहा, "रन नहीं बना पाने के कारण उनका मनोबल और फॉर्म दोनों ही गिरा हुआ है। वह फर्स्ट क्लास क्रिकेट में भी रन नहीं बना पा रहे हैं और यह मेरे लिए आश्चर्य की बात है क्योंकि वह टॉप क्लास खिलाड़ी हैं।"
'खुद पर बना रहे दबाव'
पूर्व टेस्ट ओपनर चेतन चौहान का कहना है कि रन नहीं बना पाने के कारण सहवाग खुद पर ही दबाव बना रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘अभी उनके लिए सब कुछ खराब हो रहा है। आप स्कोर नहीं बना रहे हैं और इससे वह खुद पर ही दबाव बना रहे हैं। बढ़ती उम्र के कारण उनके रिफ्लेक्स भी पहले जैसे नहीं हैं।"
इस बीच, वेंगसरकर और चौहान ने कहा कि इस घरेलू सीजन के शुरुआत में सहवाग खुद को बल्लेबाजी क्रम में नीचे लाए हैं जो उनके लिए और ज्यादा नुकसानदेय साबित हो सकता है।
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