वामशी कृष्णा, 32 वर्षीय बल्लेबाज जिन्होंने अपनी तूफानी पारी से पूरे क्रिकेट जगत को हिलाकर रख दिया है। कर्नल सीके नायडू ट्रॉफी में उन्होंने विरोधी टीम के खिलाफ आक्रामक रुख अख्तियार करते हुए एक ओवर में छह छक्के जड़ दिए। ऐसा करने वाले वह चौथे भारतीय बल्लेबाज बन गए।
आंध्र प्रदेश के लिए घरेलू क्रिकेट खेलने वाले वामशी का जन्म 25 दिसंबर 1991 को आंध्र प्रदेश के चिमाकुर्थी में हुआ था। छोटी उम्र से उन्होंने क्रिकेट खेलना शुरु कर दिया था। फर्स्ट क्लास क्रिकेट में उन्हें साल 2012 में डेब्यू का मौका मिला। अब तक वह इस फॉर्मेट में 11 मैच खेल चुके हैं। इनकी 15 पारियों में उन्होंने 267 रन बनाए हैं। वहीं, चार लिस्ट ए मुकाबलों में वामसी ने 17 रन बनाए हैं।
एक ओवर में छह छक्के जड़कर वामसी ने रचा इतिहास
भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू का इंतजार कर रहे खिलाड़ी ने बुधवार को रेलवे के खिलाफ खेले गए एक मुकाबले में शानदार शतक ठोक दिया। इस मैच में उन्होंने दमनदीप सिंह के एक ओवर में छह छक्के जड़े। रेलवे के खिलाफ उन्होंने 54 गेंदों में अपना शतक पूरा किया। वामशी ने 64 गेंदों में 110 रन की धुआंधार पारी खेली जिसमें उनके बल्ले से 12 छ्क्के और चार चौके मिले। रेलवे के खिलाफ एक ओवर में छह छक्के जड़कर वामशी ने इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज करा लिया है। वह रवि शास्त्री (1985), युवराज सिंह (2007) और ऋतुराज गायकवाड़ (2022) के क्लब में शामिल हो गए हैं। ऐसा करने वाले वह चौथे भारतीय बल्लेबाज बन गए हैं।
युवी-ऋतुराज-शास्त्री भी जड़ चुके एक ओवर में छह छक्के
10 अगस्त 1985 को रवि शास्त्री ने बड़ौदा के खिलाफ रणजी मुकाबले में ये कारनामा किया था। उन्होंने तिलक राज को निशाना बनाते हुए एक ओवर में छह छक्के लगाए थे। वहीं, 19 सितंबर 2007 को इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए टी20 विश्व कप मुकाबले में युवराज सिंह ने स्टुअर्ट ब्रॉड को निशाना बनाया था। उन्होंने इंग्लिश गेंदबाज के ओवर में लगातार छह छक्के ठोककर सनसनी मचा दी थी। युवी के अलावा ऋतुराज गायकवाड़ ने साल 2022 में विजय हजारे ट्रॉफी में इतिहास रचा था। महाराष्ट्र के इस बल्लेबाज ने यूपी के शिवा सिंह के खिलाफ एक ओवर में सात छक्के ठोके थे। इस ओवर में एक नो बॉल भी फेंकी गई थी जिस पर गायकवाड़ ने बेरहमी से छक्का ठोक दिया था।