टीम इंडिया की मध्य क्रम बल्लेबाज का मजबूत आधार बनते जा रहे अजिंक्य रहाणे के लिए ब्रिसबेन टेस्ट मैच का दूसरा दिन बेहद खराब रहा। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जारी टेस्ट मैच के पहले दिन का खेल खत्म होने के समय रहाणे शानदार बल्लेबाजी कर रहे थे और जब वह वापस पवेलियन लौटे तो वह शतक से महज 25 रन दूर थे।
दूसरे दिन वह अपनी नाबाद पारी में महज 6 रन ही जोड़ पाए कि नवोदित तेज गेंदबाज जोश हैजलवुड की गेंद पर कैच आउट हो गए। दिन का तीसरा ओवर ही था और उन्हें शतक के लिए 19 रन और चाहिए थे लेकिन हैजलवुड की एक आउटस्विंग को वह भांप नहीं सके और गेंद उनके बल्ले का बाहरी किनारा लेते हुए विकेटकीपर ब्रैड हैडिन के हाथों में चली गई और कैच आउट हो गए।
अगर वह शतक लगा लेते तो यह उनके करियर का तीसरा शतक होता। ब्रिसबेन का टेस्ट मैच उनके करियर का 12वां टेस्ट है जिसमें 2 शतक के अलावा 6 अर्धशतक लगाए हैं।
और रहाणे को कप्तान धोनी से मांगनी पड़ी माफी
भारतीय पारी के लंच से पहले 408 रनों पर खत्म होने के बाद ऑस्ट्रेलिया ने अपनी दूसरी पारी शुरू की। तेज गेंदबाज उमेश यादव ने बीच-बीच में 2 विकेट लेकर कंगारू टीम को भारत पर दबाव बनाने का मौका नहीं दिया। टी-ब्रेक तक ऑस्ट्रेलिया 121 रन पर 3 विकेट खोकर संघर्ष करता दिख रहा था।
टी-ब्रेक के बाद दूसरे दिन का तीसरा सत्र शुरू हुआ तो ऑस्ट्रेलिया की नई जोड़ी कप्तान स्टीवन स्मिथ और शॉन मार्श के रूप में मैदान पर थी। दोनों ने चौथे विकेट के लिए 78 रनों की साझेदारी भी कर डाली और भारत के लिए इस साझेदारी को तोड़ना हर हाल में जरूरी था। तेज गेंदबाज वरुण आरोन ने ऑस्ट्रेलियाई पारी की 45वें ओवर में शॉन को कैच आउट करने का एक मौका दिलाया, लेकिन वह मौका रहाणे चूक गए।
हुआ यूं की गेंदबाजी की साइड बदलने के बाद आरोन की शॉर्ट बॉल को लेग की दिशा में खेलने के प्रयास में शॉन ने लेग गली की दिशा में शॉट खेल दिया और गेंद काफी देर तक हवा में रही। विकेटकीपर धोनी और रहाणे दोनों ही कैच के लिए प्रयास करने लगे, इस बीच रहाणे ने खुद कैच लपकने की बात कहकर धोनी को पीछे कर दिया। वह गेंद पर लगातार नजर बनाए हुए थे लेकिन जब गेंद नीचे आई तो गेंद उनकी हथेलियों में आने की बजाए अंगुली को छुती हुई जमीन पर गिर गई। इस भारतीय क्षेत्ररक्षक ने कैच को लपकने की भरसक कोशिश की, लेकिन वह सफल नहीं हुए।
कैच टपकाने के बाद निराश रहाणे ने टीम के कप्तान और विकेटकीपर धोनी से माफी मांगी क्योंकि अगर वह कैच के लिए जाते तो बहुत संभावना थी कि वह उसे लपक लेते क्योंकि उन्होंने दस्ताने पहन रखा था। कैच टपकाने से रहाणे काफी हताश दिखे। हालांकि उनकी हताशा जल्द ही खत्म हो गई जब एक अन्य तेज गेंदबाज उमेश यादव ने शॉन को विकेट के पीछे कैच आउट कराकर चलता कर दिया। रहाणे ने उस समय राहत की सांस ली होगी क्योंकि यह ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज (32) जीवनदान पाने के बाद अपने निजी स्कोर में एक भी रन नहीं जोड़ सका। शॉन के आउट होने के बाद रहाणे के चेहरे पर गजब ही हंसी थी।