कोच चयन के बाद विवाद खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। अनिल कुंबले, रवि शास्त्री और सौरव गांगुली के बाद अब वीवीएस लक्ष्मण भी विवादों में घिरते दिख रहे हैं।
टीम इंडिया के नए कोच चयन के बाद विवाद खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। अनिल कुंबले, रवि शास्त्री और सौरव गांगुली के बाद अब वीवीएस लक्ष्मण भी विवादों में घिरते दिख रहे हैं। हालांकि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने साफ कर दिया है कि लक्ष्मण पर किसी भी तरह से हितों का टकराव का मामला नहीं बनता है।
पूर्व बल्लेबाज लक्ष्मण बोर्ड की ओर से चुनी गई 3 सदस्यीय क्रिकेट सलाहकार समिति में शामिल थे और उन्होंने टीम इंडिया के नए कोच के चयन के लिए समिति के साथ इंटरव्यू लिया था। समिति के सुझाव के बाद ही बीसीसीआई ने अनिल कुंबले को टीम इंडिया का नया कोच नियुक्त किया। हालांकि बाद में यह खबर आई कि एक कंपनी में लक्ष्मण ने शेयर खरीद रखे हैं।
दूसरी ओर, टीम इंडिया के मुख्य कोच को चुनने वाली क्रिकेट सलाहकार समिति के सदस्य वीवीएस लक्ष्मण ने बीसीसीआई को स्पष्ट किया है कि चयन प्रक्रिया के दौरान उनका हितों का किसी तरह से टकराव का मसला नहीं था।
बीसीसीआई को दिए अपने स्पष्टीकरण में लक्ष्मण ने कहा है कि राष्ट्रीय कोच की चयन प्रक्रिया के तहत उनका हितों का टकराव नहीं था और उस दौरान उनका टेनविक स्पोर्ट्स कंपनी के साथ किसी तरह का संबंध नहीं था।
अखबार ने एक कंपनी में लक्ष्मण के पास हजारों शेयर रखने के लगाए थे आरोप
टीम इंडिया
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अंग्रेजी वेबसाइट डीएनए के अनुसार बोर्ड की ओर से यह तब सफाई आई जब यह खबर चली कि लक्ष्मण टेनविक स्पोर्टस एजूकेशन प्राइवेट लिमिटेड के दूसरे सबसे बड़े शेयरहोल्डर हैं। रिपोर्ट में कहा गया था कि लक्ष्मण के कंपनी में 33,332 शेयर हैं, जिसके एवज में उन्हें इंसेटिव्स, बोनस और अन्य सुविधाएं मिलती हैं।
खबर आने के बाद बीसीसीआई के सचिव अजय शिर्के ने भी बृहस्पतिवार को जारी एक बयान में कहा कि मुख्य कोच की चयन समिति के सदस्य और पूर्व क्रिकेटर लक्ष्मण ने इस प्रक्रिया से पहले मार्च 2016 में उन्होंने टेनविक स्पोर्ट्स में अपनी पांच फीसदी की हिस्सेदारी को बेच दिया था। लिहाजा उनकी टेनविक स्पोर्ट्स में आधिकारिक या गैर आधिकारिक रूप से कोई हिस्सेदारी नहीं है। ऐसे में साफ है कि भारतीय क्रिकेट टीम के लिए मुख्य कोच चुनने के समय लक्ष्मण का किसी तरह से हितों का टकराव नहीं था। ऐसे में इस बाबत किसी तरह का बयान या विचार गलत है।
यह भी खबर आ रही थी कि भारतीय टीम के कोच के विवादित चयन में लक्ष्मण का भी अपना हित भी था। इस क्रिकेट समिति में सौरव गांगुली भी शामिल थे। कोच के लिए रवि शास्त्री प्रवल दावेदार के रूप में दिख रहे थे लेकिन उनका चयन नहीं हुआ। इस पर शास्त्री ने गांगुली पर खुल कर आरोप लगाए। गांगुली ने भी उन पर पलटवार किया। शास्त्री के इस आरोप पर कि वह उनके इंटरव्यू के दौरान मौजूद नहीं थे, गांगुली ने साफ कर दिया था कि उन्होंने पहले ही समिति को बता रखा था कि वो उनके इंटरव्यू में नहीं होंगे क्योंकि कुछ काम पहले से तय हैं।
कहा यह भी जा रहा है कि नए कोच कुंबले का भी टेनविक कंपनी जो स्पोर्टस और कंसंलटिंग का काम देखती है, के साथ कुछ संबंध हैं ने इस पर हितों का टकराव का मामला दिखा। लेकिन कुंबले ने टेनविक के साथ किसी भी तरह के संबंध होने से इनकार किया है।