दिल्ली कैपिटल्स ने आईपीएल के 50वें मुकाबले में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (आरसीबी) को सात विकेट से हरा दिया। दिल्ली के रहने वाले विराट कोहली को उनके घरेलू मैदान पर हार का सामना करना पड़ा। कोहली ने इस मुकाबले में अर्धशतक लगाया, लेकिन उनकी पारी बेकार हो गई। मैच के बाद एक ऐसा नजारा देखने को मिला, जिस पर किसी को विश्वास नहीं हुआ। कोहली ने दिल्ली कैपिटल्स के डायरेक्टर और भारत के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली से हाथ मिलाया।
दिल्ली और आरसीबी की टीम इस सीजन में पहली बार 15 अप्रैल को आमने-सामने हुई थी। उस मैच में कोहली और गांगुली ने एक-दूसरे से हाथ तक नहीं मिलाया था। एक वक्त विराट बाउंड्री लाइन पर फील्डिंग कर रहे थे। हालांकि, उन्होंने एक बार भी गांगुली की तरफ नहीं देखा, न ही बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष ने विराट की ओर देखा था। सिर्फ इतना ही नहीं मैच के बाद जब दोनों टीमों के खिलाड़ी और स्टाफ जब हाथ मिलाते हैं, तब भी दोनों ने हाथ नहीं मिलाया था। दरअसल, यह विवाद कोहली को वनडे और टी20 की कप्तानी से हटाने के दौरान से चला आ रहा है।
विराट कोहली और सौरव गांगुली
- फोटो : IPL/BCCI
गांगुली और कोहली ने बात की
अब कोहली और गांगुली ने सभी विवादों पर विराम लगाते हुए हाथ मिला लिया। गांगुली ने न सिर्फ हाथ मिलाया बल्कि कुछ समय तक विराट से बात भी की। दोनों मुस्कुराए और फिर चले गए। कोहली और गांगुली को हाथ मिलाते देख किसी को विश्वास नहीं हुआ। फैंस ने सोशल मीडिया पर दोनों की इस तस्वीर और वीडियो को शेयर किया।
विराट कोहली और सौरव गांगुली
- फोटो : IPL/BCCI
क्यों दोनों के बीच हुआ था विवाद?
2021 में कोहली को वनडे और टी20 की कप्तानी से हटाने के बाद बीसीसीआई की तरफ से तब अध्यक्ष रहे सौरव गांगुली ने एक मीडिया हाउस से बातचीत में कहा था कि कोहली से वनडे की कप्तानी लेने से पहले उनसे बात की गई थी और उनकी सहमति के बाद ही यह फैसला हुआ था। गांगुली ने कहा था कि बीसीसीआई ने विराट से कहा था कि वह टी-20 की कप्तानी नहीं छोड़ें, लेकिन विराट नहीं माने और इस्तीफा दे दिया। वहीं, चयनकर्ताओं को सीमित ओवर क्रिकेट में दो अलग-अलग कप्तान रखने का फैसला सही नहीं लगा। इसके बाद उन्होंने चेतन शर्मा के साथ मिलकर विराट से बात की और उन्हें पूरा विजन समझाया। इसके बाद ही रोहित को वनडे का कप्तान बनाया गया।
कोहली ने गांगुली के बयान को बताया था गलत
इसके बाद विराट ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में गांगुली का बातों को गलत करार देते हुए कहा था कि उन्हें बीसीसीआई के अधिकारियों ने उन्हें 90 मिनट पहले बताया था कि अब रोहित उनकी जगह वनडे टीम के कप्तान होंगे। इससे पहले बीसीसीआई ने उनसे कोई बातचीत नहीं की थी। कोहली ने कहा- जब मैंने टी-20 की कप्तानी छोड़ी थी, मैं सबसे पहले बीसीसीआई के पास गया था। उन्हें अपने फैसले को लेकर जानकारी दी थी। मैंने अपने विचार और परेशानियां रखी थीं। बोर्ड ने इसे स्वीकार किया और मेरी परेशानियों को समझा। उन्होंने मुझसे एक बार भी अपने फैसले को पुनर्विचार करने के लिए नहीं कहा।