दिल्ली की टीम सोमवार को जब विजय हजारे ट्रॉफी के फाइनल में गुजरात से भिड़ेगी तो उसकी निगाहें इस टूर्नामेंट में दूसरी बार खिताब जीतने पर लगी होंगी। दिन-रात्रि खिताबी मुकाबला बंगलुरू के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेला जाएगा। दिल्ली ने इससे पहले 2012-13 में विजय हजारे ट्रॉफी जीती थी।
दिल्ली का दारोमदार जहां अपने गेंदबाजों पर वहीं गुजरात को अपने ऑलराउंडर अक्षर पटेल से उम्मीदें होंगी जिन्होंने सेमीफाइनल में तमिलनाडु के खिलाफ 43 रनों पर छह विकेट चटकाए थे। दिल्ली की टीम में बाएं हाथ के अनुभवी बल्लेबाज शिखर धवन शामिल हैं जोकि दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सीरीज में ज्यादा रन नहीं कर पाए। इस टूर्नामेंट में भी अभी तक उनके बल्ले से बड़ी पारी नहीं निकली है।
दिल्ली के कप्तान गौतम गंभीर के पास एंडवांटेज है क्योंकि उनके पास तेज गेंदबाज इशांत शर्मा और पवन नेगी के रूप में दो बेहतरीन खिलाड़ी हैं। दिल्ली के लिए युवा बल्लेबाज उन्मुक्त चंद ने सेमीफाइनल में हिमाचल प्रदेश के खिलाफ नाबाद 80 रन बनाए। दिल्ली की टीम को शिखर धवन, कप्तान गौतम गंभीर, उन्मुक्त चंद और इशांत शर्मा से बेहतरीन प्रदर्शन की आस रहेगी।
दिल्ली ने क्वार्टर फाइनल और सेमीफाइनल मैच इसी एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेले हैं, लिहाजा उसके खिलाड़ी पिच के मिजाज से अच्छी तरह वाकिफ होंगे।