सचिन तेंदुलकर के संन्यास लेने के बढ़ते दबाव के बीच उन्हें पूर्व क्रिकेटरों का समर्थन भी मिलने लगा है।
पिछले हफ्ते पूर्व कप्तान और तेंदुलकर के शुरुआती दिनों में भारतीय टीम में उनके साथी रहे रवि शास्त्री ने भी तेंदुलकर के बारे में कहा था कि उन्हें अभी संन्यास लेने की जरूरत नहीं है और अगले साल लॉर्ड्स में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट मैच खेलना चाहिए।
तेंदुलकर नवंबर में वेस्ट इंडीज के खिलाफ टेस्ट करियर का 200वां मैच खेलेंगे। ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि वह यह ऐतिहासिक मैच खेलकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को बाय-बाय कह देंगे। लेकिन आगे खेलने के बारे में सुझाव देने वालों में अब एक और पूर्व क्रिकेटर भी तेंदुलकर के पक्ष में आ गए हैं।
तेंदुलकर के संन्यास पर बढ़त दबाव के बीच पूर्व टेस्ट क्रिकेटर चेतन चौहान ने कहा कि इस दिग्गज बल्लेबाज में आज भी रनों की भूख है और जब भी समय आएगा, वह खुद संन्यास पर फैसला ले लेंगे।
बकौल चौहान, ‘तेंदुलकर आज भी क्रिकेट खेलने के भूखे हैं। हालांकि पिछले दो सालों से वह टेस्ट मैचों में सेंचुरी नहीं लगा पाए हों, लेकिन उनमें आज भी क्रिकेट खेलने की उतनी ही क्षमता है, जितनी पहले थी। क्रिकेट खेलने के लिए उन्हें अपनी इस भूख को जारी रखना होगा।’
बीजीपी स्पोर्ट्स विंग द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने यह बात कहीं। वह खुद बीजीपी नेशनल स्पोर्ट्स सेल के अध्यक्ष हैं।
40 टेस्ट खेलने वाले चौहान ने 1982 में क्रिकेट से संन्यास लेने के पहले लंबे समय तक सुनील गावस्कर के साथ भारतीय पारी की शुरुआत की थी।
साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि गौतम गंभीर के पास राष्ट्रीय टीम में वापसी का मौका है और विराट कोहली में भारत का भविष्य का कप्तान बनने की पूरी क्षमता है।