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ऑस्ट्रेलिया की 'घटिया' मेजबानी से नाराज हुई टीम इंडिया

Sat, 20 Dec 2014 03:45 PM IST
अमर उजाला, दिल्ली
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टीम इंडिया इस समय ऑस्ट्रेलिया में 4 मैचों की टेस्ट सीरीज खेल रही है लेकिन उसे मेजबान की मेजबानी पसंद नहीं आई।
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एडिलेड में मिली हार के बाद ब्रिसबेन टेस्ट मैच में भारत जीत के साथ सीरीज में वापस लौटने की कोशिश कर रहा था और उसके लिए मैच का चौथा दिन बेहद निर्णायक था। भारत तीसरे दिन ऑस्ट्रेलिया से पहली पारी के आधार पर 97 रन पिछड़ गया था और अपनी दूसरी पारी में एक विकेट पर 71 रन बना लिए थे।

ऐसे में चौथे दिन भारत को अपने शेष बल्लेबाजों से उम्मीद थी कि वे टीम के लिए कम से कम इतना स्कोर तो करेंगे ही कि ऑस्ट्रेलिया के सामने 300 तक का लक्ष्य दिया जा सके। लेकिन खेल के पहले ही घंटे में भारत के लिहाज से सब कुछ कबाड़ हो गया और मैच से लगभग हाथ धो बैठा। इस संकट के लिए भारतीय बल्लेबाज जहां जिम्मेदार हैं वहीं मेजबान आयोजक भी कम जिम्मेदार नहीं हैं। टीम इंडिया इस समय मेजबानों से बेहद खफा है।
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टीम इंडिया प्रबंधन मेजबानों से नाराज

हुआ यूं कि चौथे दिन के खेल की शुरुआत से पहले भारतीय बल्‍लेबाज नेट अभ्‍यास कर रहे थे और इस दौरान शिखर धवन और विराट कोहली चोटिल हो गए। अभ्यास के लिए मिली खराब पिच ने 2 भारतीय बल्‍लेबाजों को चोटिल कर दिया। मैच शुरू होने से तुरंत पहले शीर्ष क्रम के 2 बल्‍लेबाजों का चोटिल होने से भारतीय खेमे में हलचल मच गई।

धवन को तो तुरंत चेतेश्वर पुजारा के साथ बल्‍लेबाजी के लिए क्रीज पर उतरना था। अभ्यास के दौरान धवन की दाईं कलाई में चोट आई जबकि कोहली की कुहनी में चोट लगी। अचानक चोट लगने के कारण कल के 26 रन पर नाबाद बल्‍लेबाज धवन को रिटायर्ड हर्ट होना पड़ा और उनकी जगह कोहली को उतरना पड़ा।

बल्‍लेबाजी के लिए अचानक तैयार होने और ‌मैदान पर पहुंचने का खमियाजा कोहली को भुगतना पड़ा। 11 गेंदों पर एक रन बनाकर कोहली बोल्ड हो गए। वह जिस तरह से बोल्ड हुए उससे लग भी रहा था कि वह बल्‍लेबाजी के लिए तैयार नहीं थे। इसके बाद तो भारतीय बल्‍लेबाजी एक तरह से तहस-नहस हो गई क्योंकि उसने 11 रन पर 4 विकेट गंवा दिए थे।

मेजबानों के व्यवहार से नाराज टीम इंडिया प्रबंधन ने अपनी नाराजगी जताते हुए कहा कि भारतीय टीम ने अंतिम 2 दिन के लिए नेट प्रैक्टिस के वास्ते नई नेट विकेट्स की मांग की थी, जिसे अभी तक मुहैया नहीं कराया गया। बजाए इसके पिच क्यरेटर्स ने भारतीय टीम को वॉर्न-आउट विकेट्स पर अभ्यास करने को कहा, जिस पर असमान उछाल मिलता है। इस पिच पर अभ्यास करने के कारण हमारी टीम के 2 बल्‍लेबाज चोटिल हो गए। धवन तो इस कदर चोट लगी कि वह बल्‍लेबाजी के लिए फिट ही नहीं थे। टीम के फीजियो ने उनके चोट की पड़ताल ‌की।
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'धवन के चोट से परेशान था ड्रेसिंग रूम'

दूसरे टेस्ट मैच में मिली हार के बाद टीम इंडिया के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने माना कि दिन का खेल शुरू होने से पहले 2 बल्‍लेबाजों के चोटिल हो जाने के बाद बल्‍लेबाजी क्रम तय करने में हुई देरी टीम को नुकसान हुआ। खेल के तीसरे दिन तक मैच सामान्य चल रहा था लेकिन चौथे दिन के पहले घंटे के खेल ने मैच को पांचवें दिन जाने का मौका नहीं दिया।

मैच में मिली 4 विकेट से हार के बाद कप्तान धोनी ने कहा कि शिखर धवन की जगह विराट कोहली को चौथे दिन की शुरुआत में बल्‍लेबाजी के लिए भेजने को लेकर सुबह ड्रेसिंग रूम में काफी तनाव था। उन्होंने कहा, "हमारे ड्रेसिंग रूम में इस बात को लेकर स्थिति साफ नहीं थी कि धवन बल्‍लेबाजी करने जाएंगे या विराट बल्‍लेबाजी करेंगे। मैं नहीं समझता कि हमने इस स्थिति को ठीक तरह से हैंडल किया। मैं मानता हूं कि बल्‍लेबाज को तैयार होने के लिए बहूत कम समय मिला।"

धोनी ने कहा, "हां, हम नेट पर बल्‍लेबाजी कर रहे थे और सभी जानते हैं कि वहां पर विकेट बहुत अच्छा नहीं है। इस बीच वह (धवन) चोटिल हो गया। लेकिन उसने उस समय चोट पर कुछ खास रिएक्‍ट नहीं किया जिससे लगा कि वह बल्‍लेबाजी के लिए फिट है। लेकिन कुछ समय बाद जब हम वापस आए तो उसे दर्द होने लगा फिर वह बल्‍लेबाजी करने की ‌स्थिति में नहीं था।"

उन्होंने आगे कहा, "मैंने महसूस किया कि हमारे पास अब महज 5 से 7 मिनट ही बचे हैं, कोहली को अब बल्‍लेबाजी के लिए जाना होगा।"

हालांकि पिच क्यूरेटर ने टीम इंडिया की ओर से हो रही आलोचनाओं को सिरे से खारिज किया है। गाबा के चीफ पिच क्यूरेटर केविन मिचेल ने कहा कि टीम इंडिया की ओर से कभी भी पिच को लेकर शिकायत नहीं की गई। अभ्‍यास वाले विकेट अच्छे हैं और वे मैच वाली पिच की तरह ही व्यवहार कर रहे हैं।
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