सचिन तेंदुलकर, सौरव गांगुली, राहुल द्रविड़ और वीवीएस लक्ष्मण
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रोहित शर्मा और विराट कोहली के अचानक टेस्ट से संन्यास लेने से पूरी दुनिया स्तब्ध है। इसने भारतीय क्रिकेट को एक मुश्किल परिस्थिति में डाल दिया है। इन दोनों के संन्यास लेने के साथ ही एक अध्याय का अंत हो गया। 2011 से लेकर 2014 तक जो भी नए खिलाड़ी भारतीय टीम में आए थे, उनमें से लगभग कुछ ने संन्यास ले लिया है और कुछ टीम से बाहर चल रहे हैं। रोहित-कोहली से पहले अश्विन संन्यास ले चुके हैं। हालांकि, पूर्व क्रिकेटर संजय मांजरेकर का मानना है कि विराट कोहली और संजय मांजरेकर के टेस्ट क्रिकेट से संन्यास के बाद घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि 'फैब-4' के विदा लेने के बाद भी भारतीय क्रिकेट ने वापसी की थी।
मांजरेकर ने 'फैब-4' से तुलना की
मांजरेकर ने 'फैब फोर' ( सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़, वीवीएस लक्ष्मण और सौरव गांगुली) की विदाई से इसकी तुलना की। उन्होंने इंस्टाग्राम वीडियो पर लिखा, 'मैं जानता हूं कि फैंस चिंतित होंगे। फैब फोर के संन्यास के बाद भी ऐसी ही चिंता थी, लेकिन कुछ साल बाद भारत दुनिया की नंबर एक टेस्ट टीम बना।' उन्होंने लिखा, 'जब तक भारत में खेल लोकप्रिय हैं और कई प्रतिभाशाली युवा भारत के लिए खेलने को बेताब हैं। ऐसे हजारों युवा हैं जो भारत के लिए खेलना चाहते हैं और उनमें काफी प्रतिभा भी है। भारतीय टीम के लिए खेलने तक का सफर आसान नहीं है और यहां तक पहुंचने वाले वाकई प्रतिभाशाली होंगे।'
'घबराने की जरूरत नहीं है'
मांजरेकर ने कहा, 'इसमें समय लगेगा, लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है। फैब फोर के जाने के बाद क्या हुआ था। हमारी गेंदबाजी बेहतर हुई। यहां भी ऐसा हो सकता है। नए सितारे आएंगे और नए गेंदबाज भी। भारत दुनिया की आला टीमों में बना रहेगा।' उन्होंने कहा, 'मौजूदा भारतीय टीम को इस नजरिये से भी देखा जा सकता है जिसमें विराट और रोहित टीम का हिस्सा थे, लेकिन हम अपनी धरती पर न्यूजीलैंड से 3-0 से हारे और ऑस्ट्रेलिया में बुरी तरह हारे। इस टीम के साथ हमारे पास खोने के लिए कुछ नहीं है। नई भारतीय टीम को शुभकामनाएं।'