बांग्लादेश के पूर्व कप्तान तमीम इकबाल ने अनुभवी ऑलराउंडर शाकिब अल हसन को चोटिल होने के बावजूद भारत के खिलाफ पहले टेस्ट के लिए प्लेइंग-11 में जगह देने पर सवाल खड़े किए हैं। तमीम ने बताया कि शाकिब को अंगुली और कंधे में दिक्कत हो रही थी। तमीम के अनुसार, बांग्लादेश की टीम पहले टेस्ट मैच में चार गेंदबाजों के साथ खेलने उतरी।
शाकिब को पिछले साल वनडे विश्व कप के दौरान श्रीलंका के खिलाफ बल्लेबाजी करते हुए अंगुली में चोट लगी थी और वह टूर्नामेंट से बाहर हो गए थे। बांग्लादेश की टीम भारत के खिलाफ पहले टेस्ट मैच में संघर्ष कर रही है। भारतीय टीम ने मेहमान टीम के सामने जीत के लिए 515 रनों का लक्ष्य रखा है। जवाब में बांग्लादेश की टीम ने 135 रन के स्कोर पर तीन विकेट गंवा दिए हैं।
तमीम ने कहा, शाकिब के गेंदबाजी के लिए नहीं आने पर मुझे आश्चर्य हुआ, लेकिन मुझे मेरे साथी कमेंटेटर मुरली कार्तिक से कुछ जानकारी मिली जिन्होंने उनके साथ बात की थी। शाकिब को अंगुली में कुछ दिक्कत थी जिसकी सर्जरी भी हुई थी और उनके कंधे में भी परेशानी है। मेरा मानना है कि टीम प्रबंधन को टेस्ट मैच से पहले यह बात पता होनी चाहिए थी क्योंकि उन्होंने सही से संपर्क नहीं किया। इस कारण बांग्लादेश को चार गेंदबाजों के साथ खेलना पड़ा जो दुर्भाग्यपूर्ण है।
गेंदबाजी में प्रभावित नहीं कर सके शाकिब
पहली पारी में जब भारत बल्लेबाजी कर रहा था तो शाकिब ने सिर्फ आठ ओवर गेंदबाजी की थी और 6.2 के इकॉनोमी रेट से 50 रन लुटाए थे। बांग्लादेश के अन्य गेंदबाजों को 18 ओवर से ज्यादा गेंदबाजी करनी पड़ी क्योंकि भारत ने 376 रन बनाए थे। दूसरी पारी में शाकिब ने 32 रन बनाए और वह बांग्लादेश के शीर्ष स्कोरर रहे और टीम पहली पारी में 149 रन पर ऑलआउट हुई। शाकिब ने फिर भारत की दूसरी पारी में 13 ओवर गेंदबाजी की और 79 रन लुटाए, लेकिन उन्हें एक भी विकेट नहीं मिला।