सहवाग ने दावा किया था कि शाकिब को बहुत पहले ही टी20 प्रारूप से संन्यास ले लेना चाहिए था। उन्होंने तो यहां तक कहा कि खेल के सबसे छोटे प्रारूप में उनके आंकड़े हाल में शर्मनाक रहे हैं। उन्होंने कहा, 'पिछले विश्व कप के दौरान मुझे लगा था कि शाकिब को टी20 प्रारूप के लिए नहीं चुना जाना चाहिए। रिटायरमेंट का समय बहुत पहले आ गया था। आप इतने सीनियर खिलाड़ी हैं, आप इस टीम के कप्तान थे। आपको वास्तव में अपने हाल के नंबरों पर शर्म आनी चाहिए। आपको आगे आना चाहिए और खुद कहना चाहिए कि अब बहुत हो गया, मैं इस प्रारूप से संन्यास ले रहा हूं।
हालांकि, शाकिब ने नीदरलैंड के खिलाफ मैच के बाद सहवाग पर एक शब्द की प्रतिक्रिया के साथ पलटवार किया। सहवाग की टिप्पणी पर उनके विचार साझा करने के लिए कहे जाने पर, 37 वर्षीय ने भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज को 'कौन' कहकर संबोधित किया। इसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। शाकिब को नीदरलैंड के खिलाफ मैच के लिए प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड दिया गया।
शाकिब ने सुझाव दिया कि एक खिलाड़ी का काम जवाब देना नहीं है बल्कि हर संभव तरीके से अपनी टीम में योगदान देना है। उन्होंने कहा, 'एक खिलाड़ी कभी किसी सवाल का जवाब देने नहीं आता। एक खिलाड़ी का काम टीम के लिए बल्लेबाजी करना है। अगर वह गेंदबाज है तो उसका काम अच्छी गेंदबाजी करना है। विकेट किस्मत के ऊपर है। यदि वह एक फील्डर है, तो उसे एक-एक रन बचाना चाहिए और जितना हो सके उतने कैच लेने चाहिए। यहां किसी के लिए जवाब देने के लिए कुछ भी नहीं है। मुझे लगता है कि मौजूदा खिलाड़ी के लिए यह अहम है कि वह अपनी टीम के लिए कितना योगदान दे सकता है। जब वह योगदान नहीं दे सकते हैं, तो स्वाभाविक रूप से चर्चाएं होंगी और मुझे नहीं लगता कि यह एक बुरी बात है।
शाकिब ने मैच के बाद कहा, 'शीर्ष चार में से किसी एक का पूरी पारी के दौरान बल्लेबाजी करना महत्वपूर्ण था। योगदान देकर खुशी हुई। शुरुआत में पिच कठिन थी, हमने अपना धैर्य बनाए रखा। यह चुनौतीपूर्ण स्कोर था, जीतने वाला नहीं, लेकिन गेंदबाजों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया।'
उन्होंने कहा, 'रिशाद और मुस्ताफिजुर ने नीदरलैंड से मैच छीन लिया। पिछले चार-पांच वर्षों में यहां शायद ही कोई अंतरराष्ट्रीय मैच खेला गया हो। इसलिए हमें नहीं पता था कि अच्छा स्कोर क्या होगा और हमें 14-15 ओवर तक विकेट बचाए रखने पड़े और फिर आगे बढ़ना पड़ा। विश्व कप के मैच में 160 रन हमेशा मुश्किल होते हैं। नीदरलैंड ने अपने मौके बनाए, अंतिम सात-आठ ओवरों में इस मैदान पर 10 रन प्रति ओवर, जब हवा एक तरफ चल रही थी, बचाव करना मुश्किल हो गया। लेकिन गेंदबाजों को जीत का श्रेय जाता है।'
बांग्लादेश के 160 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए नीदरलैंड ने रिशाद हुसैन (33 रन पर तीन विकेट) और तास्किन अहमद (30 रन पर दो विकेट) की धारदार गेंदबाजी के सामने नियमित अंतराल पर विकेट गंवाए और टीम आठ विकेट पर 134 रन ही बना सकी।
नीदरलैंड की ओर से साइब्रांड एंगलब्रेट ने सर्वाधिक 33 रन बनाए जबकि विक्रमजीत सिंह (26) और कप्तान स्कॉट एडवर्ड्स (25) ने भी उपयोगी पारियां खेली लेकिन टीम को जीत नहीं दिला सके। मुस्ताफिजुर रहमान (12 रन पर एक विकेट), महमूदुल्लाह (छह रन पर एक विकेट) और तंजीम हसन साकिब (23 रन पर एक विकेट) ने भी एक-एक विकेट चटकाया।
बांग्लादेश ने इससे पहले मैन ऑफ द मैच शाकिब (नाबाद 64 रन, 46 गेंद, नौ चौके) के नाबाद अर्धशतक के अलावा सलामी बल्लेबाज तंजीद हसन (35) के साथ उनकी तीसरे विकेट की 48 और महमूदुल्लाह (25) के साथ पांचवें विकेट की 41 रन की साझेदारी से पांच विकेट पर 159 रन बनाए।