दक्षिण अफ्रीका का टी20 विश्व कप में प्रदर्शन शानदार रहा है और टीम ने ग्रुप दो से सेमीफाइनल में जगह बना ली है। दक्षिण अफ्रीका ने सह मेजबान वेस्टइंडीज को हराकर अंतिम चरण के लिए क्वालिफाई किया। दक्षिण अफ्रीका की टीम बड़े टूर्नामेंट में अच्छा प्रदर्शन करती है, लेकिन नॉकआउट स्टेज में आकर विफल हो जाती है। टीम पर चोकर्स का ठप्पा है, लेकिन दक्षिण अफ्रीका के स्पिनर तबरेज शम्सी की राय इस मामले में अलग है। उन्होंने कहा कि नई दक्षिण अफ्रीका टीम ने इस टी20 विश्व कप में दबाव का सामना बखूबी किया है।
अजेय चल रही है दक्षिण अफ्रीका की टीम
एडेन मार्करम की टीम टूर्नामेंट में अपराजेय रही है जबकि लगभग सभी मैचों में उसने करीबी जीत दर्ज की है। दक्षिण अफ्रीका ने नेपाल को एक रन से, बांग्लादेश को चार रन से और इंग्लैंड को सात रन से हराया था। रविवार को उसने सुपर आठ चरण के ग्रुप दो मुकाबले में मेजबान वेस्टइंडीज को तीन विकेट से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई।
'दबाव में घुटने नहीं टेकती टीम'
शम्सी ने कहा, कई मैच काफी करीबी रहे जो नहीं होने चाहिए थे, लेकिन खुशी की बात है कि यह नई दक्षिण अफ्रीका टीम है जो दबाव के आगे घुटने नहीं टेकती। हर मैच में हम भारी दबाव में रहे लेकिन खिलाड़ी जीत के तरीके तलाशने में कामयाब रहे, चाहे मुकाबला कितना भी करीबी क्यों ना हो। यह एक ईकाई के रूप में खुशी की बात है। पिछले मैच में मैंने पारी में देर से गेंदबाजी की और 50 रन दे डाले। आलोचना भी हुई कि मैं दबाव नहीं झेल पाता। लेकिन मुझे लगता है कि क्वार्टर फाइनल की तरह मैच में इतने दबाव के बीच मैने जवाब दे दिया है।
शम्सी को कैरेबियाई प्रीमियर लीग खेलने का भी फायदा मिला है। उन्होंने कहा, पिछले पांच-छह साल से मैंने कैरेबियाई प्रीमियर लीग खेला है जिससे मुझे वेस्टइंडीज के क्रिकेटरों को समझने में मदद मिली।