भारतीय कप्तान रोहित शर्मा का बल्ला पाकिस्तान और अमेरिका के खिलाफ टी20 विश्व कप के ग्रप चरण में खामोश रहा था, जबकि विराट कोहली तीनों मैचों में रन बनाने के लिए संघर्ष करते दिखे थे। भारतीय टीम अब सुपर आठ चरण में पहुंच चुकी है जहां टीम का पहला मुकाबला 20 जून को अफगानिस्तान के साथ होगा। इस बीच, पूर्व भारतीय बल्लेबाज संजय मांजरेकर ने रोहित-कोहली का समर्थन किया है। मांजरेकर का मानना है कि अगर विराट कोहली और रोहित शर्मा टी20 विश्व कप के सेमीफाइनल या फाइनल जैसे बड़े मैचों में निर्णायक पारी खेलते हैं तो ग्रुप चरण में उनका प्रदर्शन खास मायने नहीं रखेगा।
रन बनाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं कोहली
कोहली ने टूर्नामेंट में अभी तक जो तीन मैच खेले हैं उनमें वह दोहरे अंक में नहीं पहुंच पाए। कोहली ने तीन मैचों में कुल पांच रन बनाए हैं जिसमें अमेरिका के खिलाफ खाता खोले बिना आउट होना भी शामिल है। रोहित ने आयरलैंड के खिलाफ अर्धशतक लगाया लेकिन पाकिस्तान और अमेरिका के खिलाफ उनका बल्ला नहीं चल पाया। सुपर आठ में भारत को अपनी इस ओपनिंग जोड़ी से काफी उम्मीदें हैं।
'रोहित-कोहली बड़े मैच में निर्णायक पारी खेलते हैं'
मांजरेकर ने न्यूज एजेंसी पीटीआई के हवाले से कहा, अगर आपने रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे खिलाड़ियों का चयन किया है, तो आपने अनुभव को प्राथमिकता दी है। आप अपने अनुभवी खिलाड़ियों को विश्व कप में ले जाना चाहते हैं, ताकि वे तब अच्छा प्रदर्शन करें, जब वास्तव में इसकी जरूरत हो। इसलिए मुझे इसको लेकर कोई परेशानी नहीं है कि इनमें से कुछ खिलाड़ी फॉर्म में नहीं हैं। अगर यह खिलाड़ी सेमीफाइनल या फाइनल में निर्णायक पारी खेलकर टीम को विजेता बनाते हैं तो आपके सीनियर खिलाड़ियों से इसी तरह के प्रदर्शन की अपेक्षा की जाती है।
भारत की तरफ से 37 टेस्ट और 74 वनडे मैच खेलने वाले मांजरेकर ने कहा, अगर आपका कोई युवा खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन करता है तो वह आपके लिए बोनस है जैसा 1992 के विश्व कप में पाकिस्तान के लिए इंजमाम उल हक ने किया था। सीनियर खिलाड़ियों को अधिक योगदान देना चाहिए और मुझे लगता है कि यही वजह है कि चयन समिति ने टी20 विश्व कप के लिए अनुभव को प्राथमिकता दी।
मांजरेकर को शिवम दुबे से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद
शिवम दुबे ने आईपीएल में अपने शानदार प्रदर्शन के दम पर भारतीय टीम में जगह बनाई, लेकिन वह विश्व कप में अभी तक अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं। हालांकि मांजरेकर को इस ऑलराउंडर से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है। उन्होंने कहा, 'हमें इसके लिए इंतजार करना होगा कि शिवम दुबे ने आईपीएल में जिस तरह से स्पिनरों के खिलाफ शानदार प्रदर्शन किया था, उसे दोहरा पाते हैं या नहीं। विश्व कप में स्पिनरों के खिलाफ खेलना आसान नहीं है और देखना होगा की दुबे इन पिचों पर सफल होने के लिए अपने खेल में किस तरह से बदलाव करते हैं।' मांजरेकर को उम्मीद नहीं थी कि ऋषभ पंत को तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए भेजा जाएगा लेकिन आखिर में यह अच्छा फैसला साबित हुआ। उन्होंने कहा, टीम प्रबंधन प्रत्येक नंबर पर प्रभावशाली खिलाड़ियों को चाहता है और जहां तक ऋषभ पंत का सवाल है तो मुझे उम्मीद नहीं थी कि उन्हें तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए भेजा जाएगा लेकिन आखिर में यह अच्छा फैसला साबित हुआ। पंत ने अपना कौशल दिखाया और वह टूर्नामेंट में भारत की तरफ से अभी तक सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला बल्लेबाज है।