दक्षिण अफ्रीका ने बांग्लादेश को करीबी मुकाबले में चार रन से हराकर टी20 विश्व कप में अपनी लगातार तीसरी जीत दर्ज की। इस जीत से उसने सुपर आठ चरण के लिए अपनी संभावनाओं को मजबूती दी है। हालांकि, टीम के बल्लेबाज हेनरिच क्लासेन अमेरिका की पिच से खुश नजर नहीं आए और उन्होंने पिच तथा आउटफील्ड की आलोचना की है। क्लासेन ने यहां तक कह दिया कि आईसीसी अगर टी20 क्रिकेट के लिए अमेरिका में बाजार तलाश रहा है तो इस तरह की परिस्थितियों में ऐसा करना उसके लिए मुश्किल होगा।
धीमी पिच पर उठ रहे सवाल
न्यूयॉर्क की नासाउ काउंटी इंटरनेशनल स्टेडियम की धीमी पिच पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। भारत और पाकिस्तान के बीच मुकाबला भी इसी पिच पर खेला गया था और यह मुकाबला कम स्कोर का रहा था जिसमे भारत ने जीत दर्ज की थी। इस मैदान की ड्रॉप इन पिचों पर बल्लेबाजी करना बेहद मुश्किल है। भारत ने टी20 विश्व कप में इस पिच पर 119 रन, जबकि दक्षिण अफ्रीका ने 113 रन का सफलतापूर्वक बचाव किया। क्लासेन ने बांग्लादेश के खिलाफ 44 गेंद पर 46 रन बनाए और आखिर में उनकी यह पारी निर्णायक साबित हुई।
'इस तरह की पिच पर खेलना पसंद नहीं करूंगा'
क्लासेन ने कहा कि वह इस तरह की पिच पर खेलना पसंद नहीं करेंगे, जबकि गेंदबाज ऐसी पिचों पर खेलना चाहेंगे। आईसीसी पहले ही स्वीकार कर चुका है कि उसने जिस तरह की पिचों की उम्मीद की थी यह वैसी नहीं है। उन्होंने कहा, निश्चित तौर पर अगर आप दुनिया को दिखाना चाहते हैं और यहां बाजार तलाश रहे हैं तो मुझे नहीं लगता कि इस तरह की परिस्थितियों में ऐसा करना संभव होगा। क्रिकेट के लिहाज से यह कड़ी प्रतिस्पर्धा है। इससे शीर्ष टीमों और अन्य टीमों के बीच अंतर कम हो गया है। ईमानदारी से कहूं तो मुझे लगता है कि सभी बल्लेबाज इस स्थान से बाहर निकलना चाहेंगे लेकिन गेंदबाज यही बने रहना चाहेंगे। हमने अपनी भूमिका निभाई और हमारा लक्ष्य यहां तीनों मैच में जीत दर्ज करना था। निश्चित तौर पर जितना हमने सोचा था जीत हासिल करना उससे अधिक मुश्किल रहा।’
उन्होंने कहा, हमारे लिए यह काफी तनाव भरा रहा क्योंकि मैच वास्तव में काफी करीबी बन गए। हमारे लिए कोई भी मैच आसान नहीं रहा लेकिन इसके बावजूद यह अच्छा मनोरंजक क्रिकेट है। कोई भी टीम इस मैदान पर किसी भी टीम को हरा सकती है। मैं डलास और उत्तरी कैरोलिना में खेला था। वहां विकेट इससे बेहतर थे और उस तरह की परिस्थितियों में क्रिकेट का प्रसार करना थोड़ा आसान हो जाता है।