अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने गुरुवार को क्रिकेट मैच के दौरान सभी स्थितियों में बैट्समैन शब्द की जगह बैटर शब्द इस्तेमाल करने का फैसला लिया। आईसीसी द्वारा लिया गया यह निर्णय इस महीने संयुक्त अरब अमीरात और ओमान में खेले जाने वाले पुरुष टी-20 विश्व कप मैचों से प्रभावी हो जाएगा। इससे पहले महिलाओं के लिए भी ज्यादातर बैट्समैन शब्द का इस्तेमाल किया जाता था। जिस पर कई बार आपत्ति की गई थी।
पिछले महीने एमसीसी ने दी थी मंजूरी
बीते महीने मेरिलबोन क्रिकेट क्लब (एमसीसी) घोषणा की थी कि अब पुरुष और महिला दोनों के लिए बैट्समैन के बजाय तुरंत प्रभाव से जेंडर न्यूट्रल बैटर शब्द का इस्तेमाल किया जाएगा। क्रिकेट खेल के नियमों की संरक्षक एमसीसी ने अपने बयान मे कहा था एमसीसी का मानना है कि जेंडर न्यूट्रल शब्दावली का इस्तेमाल सभी के लिए एक सा होने पर क्रिकेट के दर्जे को बेहतर करने में मदद करेगा। जिसके बाद अब आईसीसी ने भी इसे लागू करने का फैसला लिया है। अब कॉमेंट्री और संगठन के चैलनों में नियमित रूप से बैटर शब्द लागू किया गया है।
ज्योफ एलार्डिस ने जताई खुशी
आईसीसी के कार्यवाहक कार्यकारी अधिकारी ज्योफ एलार्डिस ने कहा जब एमसीसी ने बैट्समैन की जगह बैटर शब्द लागू करने का फैसला लिया तब उन्होंने इसका स्वागत किया था। उन्होंने कहा, आईसीसी पिछले कुछ समय से हमारे चैलनों और कॉमेंट्री में बैटर शब्द का उपयोग कर रही है और हम इसे क्रिकेट के नियमों में लागू कर करने के एमसीसी के फैसला के स्वागत करते हैं, हम इसका पालन खेलने की शर्तों के अऩुरूप करेंगे। उन्होंने आगे कहा, यह हमारे खेल का एक स्वाभाविक और अतिदेय विकास है अब अब बैटर शब्द का इस्तेमाल करने से हमारे बल्लेबाज उसी तरह लिंग-तटस्थ हैं जिस तरह बॉलर्स, फिल्डर्स और विकेटकीपर्स।