भारतीय क्रिकेट टीम को मौजूदा टी-20 वर्ल्ड कप में तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर की कमी बहुत खल रही है। टीम के स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या में अब पहले जैसी बात नहीं रही। चोट से वापसी करने वाले हार्दिक को अब गेंदबाजी करने में परेशानी होती है तो बल्लेबाजी में भी वह तेजी से रन नहीं बटोर पा रहे हैं। यही कारण है कि टीम इंडिया इस वक्त कमजोर नजर आ रही है। हार्दिक के संघर्ष की वजह से टीम इंडिया को नीचले मध्यक्रम में फिनिशर और गेंदबाजी में छठे गेंदबाज की कमी खलती है।
हार्दिक की चोट और उनके प्रदर्शन से कड़ा सबक सीखने के बाद राष्ट्रीय चयनकर्ताओं ने अब उनके विकल्प यानी तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर पर ध्यान लगाने का मन बना लिया है। पांच सदस्यों वाला पैनल गुरुवार से शुरू होने वाली सैयद मुश्ताक अली टी-20 ट्रॉफी के दौरान तेज गेंदबाजी ऑलराउंडरों पर कड़ी नजर रखेगा। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) नीलामी के दौरान भी फ्रेंचाइजी तेज गेंदबाजी आलराउंडरों पर बड़ी धनराशि लगा सकती हैं।
हार्दिक के विकल्प की तलाश:
हार्दिक अब पहले जैसे आलराउंडर नहीं रहे क्योंकि पीठ का उनका दर्द उन्हें लगातार परेशान कर रहा है। मौजूदा टी-20 विश्व कप में हार्दिक की गेंदबाजी को लेकर काफी चर्चा हुई है। उन्हें भारतीय टीम में एक ऑलराउंडर के रूप में चुना गया था, लेकिन उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ गेंदबाजी नहीं की और न्यूजीलैंड के खिलाफ सिर्फ दो ओवर किए जिसमें उन्होंने 17 रन दिए। उन्होंने इससे पहले आईपीएल में भी गेंदबाजी नहीं की थी। यही कारण है कि चयनकर्ता अब केवल हार्दिक पर निर्भर नहीं रहना चाहते और संभावित विकल्पों को देखना चाहते हैं। ऐसे में मुश्ताक अली ट्रॉफी विजय शंकर (तमिलनाडु), शिवम दुबे (मुंबई) और वेंकटेश अय्यर (मध्य प्रदेश) के लिए चयनकर्ताओं को प्रभावित करने का अच्छा मंच प्रदान करेगी। यहां तक कि सौराष्ट्र के 31 वर्षीय चिराग जानी भी अच्छा विकल्प हो सकते हैं। उनके प्रदर्शन पर भी चयनकर्ताओं की निगाह होगी।
चयन समिति राष्ट्रीय टी-20 टूर्नामेंट में स्पिन गेंदबाजी करने वाले हरफनमौला खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर भी नजर रखेगी, क्योंकि वर्तमान में राष्ट्रीय टीम में शीर्ष पांच विशुद्ध बल्लेबाज हैं। इससे क्रुणाल पंड्या के प्रदर्शन पर चयनकर्ताओं का ध्यान रहेगा। ऐसे में यदि पृथ्वी शॉ ऑफ स्पिन गेंदबाजी करते हुए दिखें तो किसी को हैरानी नहीं होनी चाहिए।
आईपीएल निलामी को ध्यान में रखते हुए प्रदर्शन
इसके अलावा सभी खिलाड़ी एक अच्छा प्रदर्शन करके अगले साल की आईपीएल नीलामी में अपना दावा मजबूत करने की कोशिश करेंगे। महाराष्ट्र के बेहद प्रतिभाशाली कप्तान रुतुराज गायकवाड़, कर्नाटक के देवदत्त पडीक्कल और रविकुमार समर्थ तथा तमिलनाडु के एन जगदीसन, सी हरि निशांत जैसे खिलाड़ी बड़ा स्कोर बनाने की कोशिश करेंगे। यही नहीं ऋद्धिमान साहा और अंजिक्य रहाणे जैसे सीनियर खिलाड़ी भी अपना दावा मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध होंगे।
इस चैंपियनशिप में इस बार टीमों को पांच एलीट ग्रुप और एक प्लेट ग्रुप में बांटा गया है। कोविड-19 महामारी के कारण टूर्नामेंट लगातार दूसरे वर्ष भी बायो-बबल में खेला जाएगा। नॉकआउट के मैच दिल्ली में खेले जाएंगे।