49 मिनट तक चले फाइनल मैच में सिंधु ने बुसानन को कोई मौका नहीं दिया। पहले गेम में सिंधु को थाईलैंड की खिलाड़ी से टक्कर जरूर मिली। एक समय स्कोर 5-5 से बराबर था। इसके बाद सिंधु ने दो प्वाइंट की लीड बनाई और स्कोर 7-5 कर दिया। इसके बाद बुसानन ने स्कोर 9-9 से बराबर कर दिया। फिर सिंधु ने एक प्वाइंट की लीड बनाई और स्कोर 12-11 कर दिया।
धीरे-धीरे सिंधु ने बढ़त बनानी शुरू कर दी। स्कोर 15-13 और फिर 17-5 कर दिया। आखिर में सिंधु ने पहले गेम में 21-16 से जीत हासिल की। दूसरे गेम में सिंधु ने 11-2 की बढ़त बनाई और फिर 21-8 से मैच जीत लिया।
दुनिया की सातवें नंबर की खिलाड़ी सिंधु ने सेमीफाइनल में थाईलैंड की सुपानिदा केटेथांग को 79 मिनट तक चले मुकाबले में 21-18, 15-21, 21-19 से हराया था। उन्हें इस टूर्नामेंट में दूसरी वरीयता मिली थी।
एचएस प्रणय
वहीं, पुरुषों के फाइनल में भारत के एचएस प्रणय को हार का सामना करना पड़ा। इंडोनेशिया के जोनाथन क्रिस्टी ने उन्हें हराया। क्रिस्टी ने सेमीफाइनल में भारत के किदांबी श्रीकांत को हराया था। वहीं, प्रणय ने सेमीफाइनल में इंडोनेशिया के दुनिया के पांचवें नंबर के खिलाड़ी एंथोनी सिनिसुका गिनटिंग को 21-19, 19-21, 21-18 से हराया था। प्रणय पांच साल बाद किसी टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंचे हैं। उन्होंने 2017 में यूएस ओपन जीता था।