फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सुशील दोशी की कलम से: कोहली और तेंदुलकर की तुलना करना गलत है; क्या नीदरलैंड के खिलाफ 50वां शतक लगाएंगे विराट?

सार

बांग्लादेश बनाम श्रीलंका मैच में हाईवोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। शाकिब और मैथ्यूज के बीच विवाद बढ़ता जा रहा है। इस विवाद को लेकर मशहूर कमेंटेटर सुशील दोशी ने अपनी राय रखी है। आइए जानते हैं...
विज्ञापन
सुशील दोशी की कलम से - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

नमस्कार! मैं सुशील दोशी एक बार फिर से आपका स्वागत करता हूं। देखें विश्व कप के मुकाबले अब लगभग अंतिम पड़ाव पर चढ़ रहे हैं और लग रहा है कि भारत विश्व विजेता बनने की ख्वाहिश पूरी कर सकता है। देखें अब तक जो मैच हुए हैं और कल जो मुकाबला हुआ था उसमें बांग्लादेश ने श्रीलंका को हराकर एक छोटा सा उलटफेर जरूर किया। थोड़ी बहुत संभावनाएं जो बनती थीं श्रीलंका की सेमीफाइनल में पहुंचने की, उसे भी एक तरह से बर्बाद कर दिया।
विज्ञापन


कल जो मैच हुआ, उसमें एक अनोखी घटना हुई। टाइम आउट के रूप में एंजलो मैथ्यूज को आउट करार दिया गया। देखिए नियम यह है कि आपको पिछले बैटर के आउट होने के बाद दो मिनट में मैदान संभालना पड़ता है। अगर आपने दो मिनट में बल्लेबाजी की पहली गेंद नहीं खेली तो फिर आपको टाइम आउट करार दिया जा सकता है, लेकिन यह तभी किया जा सकता है जब विपक्षी गेंदबाज या विपक्षी कप्तान उसकी अपील करे।

अपील साधारणतय करते नहीं हैं। क्रिकेट के खेल में ऐसी बातें खेल भावना के विपरीत हैं, लेकिन शाकिब अल हसन जो कप्तान हैं बांग्लादेश के, उन्होंने अपील कर दी और अंपायर को मजबूरन उन्हें आउट देना पड़ा मैथ्यूज को। वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट इतिहास के पहले ऐसे बल्लेबाज बने जो कि टाइम आउट करार दिए गए। मैथ्यूज का नाम उसमें लिखा जाएगा।
विज्ञापन


जहां तक भारत का सवाल, वह सेमीफाइनल में पहले ही पहुंच गया है। सेमीफाइनल में भी टीम इंडिया की जीत की संभावनाएं ज्यादा जताई जा रही हैं। अभी विराट कोहली ने जिस तरह से 49वां शतक लगाया, तेंदुलकर के शतकों की बराबरी कर ली। तमाम भारतीय और कई सारे आलोचक अब उनकी तुलना तेंदुलकर से करने लगे हैं। यह अच्छी बात नहीं है।

ये भी कहा जा रहा है कि किसका स्ट्राइक रेट बेहतर था, कौन बेहतर है, ये तमाम बातें करना बड़ा बेईमानी है और हम भारतीयों को तो इस तरह की बात करनी ही नहीं चाहिए। हमको तो यह सोचना चाहिए कि दोनों खिलाड़ी भारतीय हैं और हमें गर्व हैं कि दोनों खिलाड़ी हमारे भारत की संतानें हैं। सबसे बड़ी बात है कि खुद तेंदुलकर कह रहे हैं कि वो बहुत प्रसन्न हैं, जिस तरह से विराट कोहली ने अपना शतक पूरा किया और उनके रिकॉर्ड की बराबरी की। अब वह चाहते हैं कि बाकी के रिकॉर्ड भी कोहली ही ध्वस्त करें।

दूसरी तरफ कोहली कह रहे हैं कि क्रिकेट अगर वह खेलते हैं न तो तेंदुलकर के कारण ही और उनकी प्रेरण से खेलते हैं। दोनों को एकदूसरे से कोई गिला नहीं, शिकायत नहीं, तो आम लोग तुलना क्यों करते हैं। देखें पटाखों का मौसम है, दिवाली का मौसम है, प्रकाश का मौसम है, ऐसे वक्त पटाखे छोड़े खुशियों के, बजाय इसके कि तुलना में हमारे ही खिलाड़ियों को निराश करने की कोशिश करें और तुलना करके हम अपना दिल गमगीन करें और विचित्र विवादों में पड़ें।

यह भी कहूंगा कि आगे के मुकाबलों के लिए भारत को तैयार रहना चाहिए। ऑस्ट्रेलिया की चुनौती बहुत ही तगड़ी नजर आ रही है। जैसे-जैसे वक्त बीतता जा रहा है, मैंने देखा है कि ऑस्ट्रेलिया बड़े मुकाबलों में बड़ा प्रदर्शन करती है। इस मायने में भारत को सावधान रहना पड़ेगा। अगला जो मैच है भारत का वो नीदरलैंड से है 12 तारीख को। उसकी कमेंट्री मैं भी करूंगा ऑल इंडिया रेडियो से, लेकिन सबसे बड़ी बात यह है कि क्या विराट कोहली अपना 50वां वनडे शतक पूरा कर पाएंगे? इसके प्रति भी लोगों में काफी दिलचस्पी लोगों में जाहिर हो गई है।

विश्व कप कुल मिलाकर कई तरह की घटनाओं से भरा पड़ा है। भारतीय टीम जैसा प्रदर्शन कर रही है, क्रिकेट के इतिहास में बहुत ही कम देखने को मिला है। खासतौर पर भारतीय गेंदबाज जिस तरह का प्रदर्शन कर रहे हैं, उसने दुनिया भर को अचंभित कर रखा है। मैं तो ये सोचता हूं कि अचंभित करने का उनका यह सिलसिला कायम रहे और भारत विजय की राह पर बढ़ता रहे। 2011 और 1983 में जिस तरह से भारत ने जीत हासिल की थी, उसी तरह से एक बार फिर जीत हासिल करे। धन्यवाद।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें