सुप्रीम कोर्ट ने बीसीसीआई के पुनः निर्वाचित अध्यक्ष एन श्रीनिवासन की मुश्किलें फिर बढ़ा दी हैं।
देश की शीर्ष अदालत ने भारतीय क्रिकेट बोर्ड में सबसे बड़े ओहदे पर बैठे श्रीनिवासन को तगड़ा झटका देते हुए आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग मामले की जांच नए सिरे से कराने का निर्देश दिया है।
कोर्ट ने इससे पहले श्रीनिवासन पर चुनाव जीतने के बाद पद ग्रहण करने पर रोक लगा दी थी।
सु्प्रीम कोर्ट ने जांच के लिए तीन सदस्यीय नई जांच समिति का निर्णय सुनाया। कोर्ट के आदेश के अनुसार तीन सदस्यीय जांच समिति की अगुवाई पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश मुकुल मुदगल करेंगे।
इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने बीसीसीआई के उस सुझाव को भी ठुकरा दिया जिसमें उसने स्पॉट फिक्सिंग मामले की जांच एक स्पेशल समिति से कराने की बात कही थी।
न्यायाधीश एके पटनायक और जेएस केहार की पीठ ने जांच समिति में वरिष्ठ वकील और अतिरिक्त सॉलिसीटर जनरल एन नागेश्वर तथा असम क्रिकेट संघ के सदस्य निलय दत्ता को शामिल किया है।
सुप्रीम कोर्ट ने बीसीसीआई के वकील और याचिकाकर्ता बिहार क्रिकेट संघ (कैब) से कहा है कि जांच समिति के निर्देशों का पालन करें और कल से होने वाली सुनवाई में उपस्थित रहें।
साथ ही बेंच ने कहा कि जांच समिति एक स्वतंत्र समिति की तरह काम करेगी और अपनी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को सौपेंगी।