आठ साल की उम्र से शुरू हुआ सफर
कुलदीप का जन्म मध्यप्रदेश के रीवा जिले के एक छोटे से गांव में हुआ था। उनके पिता बाल काटने का काम करते हैं। घर के सबसे बड़े बेटे कुलदीप ने महज आठ साल की उम्र में क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया था। पहले वो बतौर बल्लेबाज अपना करियर बनाना चाहते थे, लेकिन बाद में कोच के कहने पर उन्होंने तेज गेंदबाजी शुरू की। कुलदीप ने जिस एकेडमी में क्रिकेट सीखा, उसने उनकी फीस भी माफ कर दी ताकि वो अपना सपना पूरा कर सकें।

साल 2018 में कुलदीप ने पहला प्रथम श्रेणी मैच खेला। वो मध्यप्रदेश का रणजी टीम का हिस्सा बने। बाद में उन्होंने इसी टीम के लिए टी20 मैच भी खेला। अपने पहले रणजी सीजन में उन्होंने 25 विकेट लिए, जिसमें पंजाब के खिलाफ एक पारी में लिए गए पांच विकेट भी शामिल थे। इसके बाद भी उनका शानदार प्रदर्शन जारी रहा और अब तक वो 16 प्रथम श्रेणी मैचों में 44 विकेट ले चुके हैं। लिस्ट ए मैचों में उनके नाम चार और टी20 में 19 विकेट हैं।
20 लाख में राजस्थान की टीम ने खरीदा
आईपीएल 2022 मेगा ऑक्शन में कुलदीप को राजस्थान की टीम ने 20 लाख की कीमत पर खरीदा। इस समय तक कुलदीप घरेलू क्रिकेट में अपनी पहचान बना चुके थे, लेकिन बड़े स्तर पर उन्हें पहचान मिलनी बाकी थी। ट्रेंट बोल्ट, प्रसिद्ध कृष्णा और नवदीप सैनी जैसे गेंदबाजों के रहते कुलदीप को मौका मिलने की संभावना भी कम थी, लेकिन उन्हें राजस्थान के चौथे मैच में मौका मिला और उन्होंने इस मौको को गंवाया नहीं। पहले ही मैच में कमाल का आखिरी ओवर कर कुलदीप ने अपनी छाप छोड़ी है।
आखिरी ओवर में स्टोइनिस के खिलाफ शानदार गेंदबाजी
लखनऊ की टीम को आखिरी ओवर में जीत के लिए 15 रन की जरूरत थी। पहली गेंद पर आवेश खान स्ट्राइक पर थे और उन्होंने एक रन लेकर स्टोइनिस को स्ट्राइक दे दी। अब लखनऊ को जीत के लिए पांच गेंद में 14 रन की जरूरत थी। कुलदीप ने एक के बाद एक तीन गेंदों पर कोई रन नहीं दिया। ऑस्ट्रेलिया के लिए कई बार कमाल की पारिया खेलने वाले स्टोइनिस उनके सामने बेबस दिखे। अब दो गेंद में लखनऊ को जीत के लिए 14 रन चाहिए थे और राजस्थान की जीत तय हो चुकी थी। इसके बाद स्टोइनिस ने एक चौका और एक छक्का जरूर लगाया, लेकिन कुलदीप अपना काम कर चुके थे।
कुलदीप ने इस मैच में चार ओवर में 35 रन देकर एक विकेट अपने नाम किया, लेकिन आखिरी ओवर में 15 रन का बचाव करते हुए अपनी टीम को जीत दिलाकर उन्होंने अपना नाम बना लिया।