श्रीलंका और जिम्बाब्वे के बीच टी20 सीरीज का दूसरा मुकाबला बेहद रोमांचक रहा। आर प्रेमदासा स्टेडियम में खेले गए इस मैच में जिम्बाब्वे ने छह विकेट से रोमांचक जीत हासिल की और तीन मैच की सीरीज में 1-1 से बराबरी कर ली। यह श्रीलंका के खिलाफ जिम्बाब्वे की पहली टी20 जीत भी थी। 174 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए जिम्बाब्वे को आखिरी ओवर में 20 रनों की जरूरत थी। एंजेलो मैथ्यूज ने यह ओवर किया और एक गेंद शेष रहते हुए जिम्बाब्वे ने चार विकेट से जीत हासिल की।
मैच की पहली पारी में नाबाद 66 रन बनाकर श्रीलंका का स्कोर 170 रन के पार ले जाने वाले मैथ्यूज ने आखिरी ओवर में जमकर रन लुटाए। उनके ओवर में तीन छक्के लगे और टीम मैच हार गई। जिम्बाब्वे के लिए ल्यूक जोंगवे ने आखिरी ओवर में दो और मदांदे ने एक छक्का लगाया।
जोंगवे ने गेंद से भी दो विकेट लेकर योगदान दिया और उनको शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन के लिए मैन ऑफ द मैच चुना गया। रोमांचकारी मैच के बाद अपनी खुशी जाहिर करते हुए जोंगवे ने कहा, "मेरे पास शब्द नहीं हैं... हमने आज जो किया उससे बहुत खुश हूं।"
आखिरी ओवर का रोमांच
आखिरी ओवर में जोंगवे की आक्रामक बल्लेबाजी ने मैच का रुख जिम्बाब्वे के पक्ष में कर दिया। टीम को छह गेंद में 20 रन चाहिए थे, लेकिन पहली गेंद पर लॉन्ग-ऑन पर छक्का और मैथ्यूज की नो गेंद ने छह गेंदों पर 13 रन का समीकरण बना दिया। जोंगवे ने फ्री हिट पर एक चौका और अगली गेंद पर एक और छक्का लगाकर अपना आक्रमण जारी रखा, जिससे चार गेंदों पर केवल तीन रन की आवश्यकता थी। मैथ्यूज ने अगली गेंद पर कोई रन नहीं दिया, लेकिन ओवर की चौथी गेंद पर तीक्ष्णा ने अहम कैच छोड़ दिया। इससे जिम्बाब्वे को एक रन मिला और विकेटकीपर मदांदे स्ट्राइक पर आ गए। पांचवीं गेंद पर उन्होंने छक्का जड़ा दिया और जिम्बाब्वे की टीम मैच जीत गई।
पारी के 19वें ओवर में जिम्बाब्वे ने 10 रन बनाए थे और आखिरी ओवर में 24 रन बटोरे। कुल मिलाकर आखिरी 11 गेंदों में जिम्बाब्वे ने 34 रन बनाकर मैच अपने नाम किया। जिम्बाब्वे के कप्तान सिकंदर रजा के लिए इस जीत पर यकीन करना मुश्किल था। उन्होंने कहा, "हम लड़ते रहे... हम इसे आखिरी तक ले गए और खुशी है कि हमने इसे हासिल कर लिया।"
श्रीलंका की खराब फील्डिंग
इस मैच में श्रीलंका की फील्डिंग बेहद खराब रही और हार की बड़ी वजह बनी। आखिरी ओवर में भी यदि तीक्ष्णा कैच पकड़ते तो मैच का नतीजा कुछ और हो सकता था, क्योंकि नए बल्लेबाज के लिए दबाव में रन बनाना आसान नहीं होता और सातवां विकेट गिरने के बाद पुछल्ले बल्लेबाज ही आते हैं।
क्रेग इर्विन के करियर की सर्वश्रेष्ठ टी20 पारी खेली और 54 गेंदों में 70 रन बनाए, जिसमें छह चौके और दो छक्के शामिल थे। इसके अलावा श्रीलंका की गलतियों ने भी जिम्मबाब्वे की जीत में योगदान दिया। श्रीलंका के कप्तान वानिंदु हसरंगा ने अपनी टीम की कमियों को स्वीकार करते हुए कहा, "हमारा शीर्ष क्रम फ्लॉप था और हमारी फील्डिंग बहुत निराशाजनक थी।" सीरीज 1-1 से बराबर होने के साथ गुरुवार को होने वाला अंतिम मुकाबला निर्णायक होगा।