शिवनारायण चंद्रपॉल वेस्टइंडीज क्रिकेट के इतिहास में सबसे लोकप्रिय खिलाड़ियों में से एक हैं। बल्लेबाजी की अनोखी तकनीक के साथ, उन्होंने 19 साल की उम्र में अपने करियर की शुरुआत की और जल्द ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपना नाम बनाया। टेस्ट क्रिकेट में 13 अर्धशतक लगाने के बाद उन्होंने पहला शतक जड़ा। इसके बाद उन्होंने 21 साल तक वेस्टइंडीज क्रिकेट की सेवा की और 30 टेस्ट शतक लगाए।
उनकी बल्लेबाजी में गजब का नियंत्रण था। इसके अलावा वह किसी भी क्रम पर खेलने की क्षमता रखते थे। उनका डिफेंस भी बहुत मजबूत था। इसी वजह से टेस्ट क्रिकेट में उन्हें सफलता मिली। वह वेस्टइंडीज के दूसरे खिलाड़ी हैं, जिन्होंने टेस्ट में 10 हजार से ज्यादा रन बनाए। 268 वनडे मैचों में भी उनके बल्ले से 8,778 रन निकले।
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आईसीसी हॉल ऑफ फेम में शामिल होने के बाद चंद्रपाल ने कहा "कई दिग्गजों और अतीत के कई अन्य महान क्रिकेटरों के नक्शेकदम पर चलना एक अद्भुत सम्मान है। मैं इसके लिए आभारी हूं और परिवार, दोस्तों और सबसे महत्वपूर्ण रूप से वेस्टइंडीज क्रिकेट प्रशंसकों और उन लोगों के साथ इस पल का आनंद लेना चाहता हूं, जिन्होंने मेरे पूरे करियर में जोश से मेरा समर्थन किया।"
16 साल की उम्र में शुरू हुआ था चार्लोट का करियर
चार्लोट एडवर्ड्स ने सिर्फ 16 साल की उम्र में पहला अंतरराष्ट्रीय मैच खेला था। इसके बाद अगले 20 साल के करियर में उन्होंने कई खास रिकॉर्ड अपने नाम किए। पुणे में आईसीसी महिला क्रिकेट विश्व कप में आयरलैंड के खिलाफ नाबाद 173 रन बनाकर उन्होंने विश्व रिकॉर्ड अपने नाम किया। साल 2006 में वह इंग्लैंड की कप्तान बनीं और टीम को कई एशेज सीरीज में जीत दिलाई। 2009 में ऑस्ट्रेलिया में आईसीसी महिला क्रिकेट विश्व कप और आईसीसी महिला टी20 विश्व भी अपने नाम किया।
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2016 में जब एडवर्ड्स ने संन्यास का एलान किया तो वह महिला क्रिकेट में टेस्ट और वनडे में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली बल्लेबाज थीं। आईसीसी हॉल ऑफ फेम में शामिल होने पर एडवर्ड्स ने कहा "मैं आईसीसी को धन्यवाद देना चाहती हूं। आईसीसी हॉल ऑफ फेम में शामिल होना एक बड़ा सम्मान है। मैं इस पल को अपने परिवार, दोस्तों, अपने साथियों और उन सभी कोचों के साथ साझा करना चाहती हूं, जिन्होंने मेरा समर्थन किया है। मुझे अपने अंतरराष्ट्रीय करियर के हर मिनट से प्यार है और मैं आईसीसी हॉल ऑफ फेम में शामिल होने पर खुश हूं।"
निधन के बाद कादिर को मिला सम्मान
कादिर का 2019 में 63 वर्ष की आयु में निधन हो गया, लेकिन खेल जगत में उनका प्रभाव आज भी कायम है। 1970 और 80 के दशक के दौरान कादिर ने अपनी लेग स्पिन गेंदबाजी का जलवा दिखाया था। वह बड़े बल्लेबाजों का विकेट लेने के लिए जाने जाते थे। 13 साल के करियर में उन्होंने 236 विकेट हासिल किए। वह पाकिस्तान के सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले स्पिन गेंदबाजों की सूची में तीसरे स्थान पर हैं।
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1983 और 1987 विश्व कप में उन्होंने पाकिस्तान के लिए अहम भुमिका निभाई थी। संन्यास के बाद उन्होंने मुश्ताक अहमद, दानिश कनेरिया और शाहिद अफरीदी के साथ-साथ ऑस्ट्रेलिया के शेन वार्न और दक्षिण अफ्रीका के इमरान ताहिर को कोचिंग दी।
अब्दुल के बेटे उस्मान कादिर ने कहा, "परिवार की ओर से, मैं अपने पिता को हॉल ऑफ फेम में शामिल करने पर आईसीसी को बहुत-बहुत धन्यवाद कहना चाहता हूं। यह एक बहुत बड़ा सम्मान है। हम इसे एक बड़ी उपलब्धि के रूप में देखते हैं, और मेरे पिता को बहुत गर्व होता अगर वह आज भी हमारे साथ होते।"