मिताली के नाम वनडे में सर्वाधिक रन बनाने का रिकार्ड पहले से ही दर्ज था। उन्होंने 217 वनडे मैचों में 7304 रन बनाए हैं। इसके अलावा बीते शनिवार को उन्होंने सभी प्रारूपों में मिलाकर सर्वाधिक रन बनाने का इंग्लैंड की पूर्व कप्तान चार्लोट एडवर्ड्स का रिकार्ड तोड़ दिया।। अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट में केवल इन्हीं दो खिलाड़ियों ने 10,000 से अधिक रन बनाए हैं। भारत की टेस्ट और वनडे कप्तान ने 50 ओवरों के प्रारूप में 51.80 की औसत से रन बनाने में सफलता हासिल की है।
भारतीय क्रिकेट बोर्ड की शीर्ष परिषद की सदस्य शांता ने समाचार एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए कहा, उनके रिकार्ड ही सारी कहानी बयां करते हैं। उन्होंने जो हासिल किया है वह महान सुनील गावस्कर और सचिन तेंदुलकर की उपलब्धियों के बराबर है। मुझे यह कहने में कोई हिचक नहीं कि वह लंबे समय तक पर शीर्ष पर रहेंगी। मुझे नहीं लगता कि हाल फिलहाल उनका रिकार्ड टूट पाएगा।
मिताली ने शनिवार को अर्धशतक लगाकर तीसरे वनडे में भारत को इंग्लैंड पर जीत दिलाई थी। भारत की बाकी बल्लेबाजों के प्रदर्शन के अलावा मिताली के स्ट्राइक रेट पर भी सवाल उठाये गए लेकिन शांता को लगता है कि इस तरह की आलोचना सही नहीं है। शांता ने आगे कहा, स्ट्राइक रेट तभी मायने रखता है जबकि सभी बल्लेबाज अच्छा प्रदर्शन कर रहे हों। कल को छोड़ दिया जाए तो श्रृंखला में बमुश्किल ही उन्हें किसी अन्य बल्लेबाज का साथ मिला। यदि वह नहीं होती तो टीम 200 रन तक पहुंचने के लिये भी संघर्ष करती।
भारतीय बल्लेबाजों के लचर प्रदर्शन पर शांता ने कहा कि आलराउंडर दीप्ति शर्मा को तीसरे नंबर पर उतारा जा सकता है। पहले मैच में पूनम राउत और बाकी 2 मैचों में जेमिमा रोड्रिग्स इस नंबर पर बल्लेबाजी के लिए उतरी थीं लेकिन वह प्रभाव छोड़ने में नाकाम रहीं। शांता के मुताबिक, वह अभी युवा है और जल्द ही रन बनाना शुरू कर देगी। पूनम राउत ने भी दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन किया था लेकिन यदि उन्हें लगता है कि तीसरे नंबर पर बदलाव जरूरी है तो दीप्ति अच्छी पसंद हो सकती है।