जिम्बाब्वे के खिलाफ शुक्रवार को पहले ट्वेंटी-20 मैच से पाकिस्तान में छह साल बाद पहली बार अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की वापसी हो रही है। पिछले तीन दिनों से हजारों कमांडो जिम्बाब्वे टीम की सुरक्षा में व्यस्त हैं ताकि 2009 में लाहौर में श्रीलंकाई टीम के बस पर हुए आतंकी हमले को दोहराया नहीं जा सके।
इससे पूर्व बृहस्पतिवार शाम जिम्बाब्वे की टीम ने अभ्यास सत्र में हिस्सा लिया। अभ्यास के लिए जिम्बाब्वे की टीम को कड़ी सुरक्षा के बीच गद्दाफी स्टेडियम ले जाया गया। होटल से स्टेडियम जाते समय जिम्बाब्वे टीम की बस के चारों तरफ से सुरक्षा का इतना कड़ा घेरा था कि आस-पास किसी का फटकना ही संभव नहीं था। पंजाब प्रांत के गृहमंत्री शुजा खानजादा ने कहा कि पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों के 6000 कमांडो जिम्बाब्वे टीम की सुरक्षा में लगे हैं।
कमांडो सुरक्षा के बीच पूरा स्टेडियम ही छावनी में तब्दील हो गया है। यहां तक कि स्टेडियम के आस-पास खाने-पीने की दुकानें भी अस्थायी तौर पर बंद कर दी गई हैं। सैकड़ों सशस्त्र पुलिस जवानों को होटल से स्टेडियम के रास्ते सड़क के किनारे तैनात कर दिया गया है।