भारत को 2008 में अंडर 19 विश्व कप जिताने वाली टीम का हिस्सा रहे सौरभ तिवारी ने क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से संन्यास ले लिया। 34 वर्षीय क्रिकेटर पिछले कुछ वक्त से चोट से परेशान थे लेकिन लगातार घरेलू क्रिकेट खेल रहे थे। अब उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट और प्रथम श्रेणी क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी है।
भारत के लिए तीन वनडे मैच खेलने वाले सौरभ फिलहाल जमशेदपुर की टीम का हिस्सा हैं और रणजी ट्रॉफी के मौजूदा संस्करण में खेलते नजर आ रहे हैं। 15 फरवरी से झारखंड और राजस्थान के बीच शुरु होने जा रहे रणजी मुकाबले में वह आखिरी बार खेलते नजर आएंगे। ये उनके करियर का अंतिम मुकाबला होगा।
क्रिकेट के सभी प्रारुपों से संन्यास लेने के बाद भावुक हुए सौरभ
2010 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ डेब्यू करने वाले सौरभ ने बताया कि राष्ट्रीय टीम में जगह न मिलने से वह बहुत दुखी हैं। इसके अलावा आईपीएल में भी उन्हें मौका नहीं मिला है। ऐसे में वह युवा खिलाड़ियों के लिए क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर रहे हैं।
सौरभ ने कहा, "आज इतने लंबे सफर को अलविदा कहना थोड़ा मुश्किल जरूर है लेकिन मुझे यह भी पता है कि इस फैसले का यह बिल्कुल सही समय है। मुझे ऐसा लगता है कि अगर आप भारतीय टीम में शामिल नहीं हो सकते या फिर आईपीएल में नहीं है तो यही ठीक है कि राज्य की टीम में युवा लड़कों के लिए जगह खाली की जाए। हमारी राज्य की टीम में अभी युवाओं को भरपूर मौका दिया जा रहा है और इस कारण से मेरा यह फ़ैसला काफी लाजमी भी है।"
कैसा रहा सौरभ का करियर?
बात करें इस खिलाड़ी के करियर की तो सौरभ ने भारत के लिए तीन वनडे मैचों में सिर्फ 49 रन बनाए। वहीं, प्रथम श्रेणी क्रिकेट में इस बल्लेबाज ने 115 मुकाबलों में 8030 रन बनाए जबकि लिस्ट ए के 116 मैचों में उन्होंने 4050 रन बनाए। सौरभ ने भारत के लिए अपने करियर का आखिरी मुकाबला न्यूजीलैंड के खिलाफ 2010 में खेला था। इसके अलावा आईपीएल के 93 मैचों में बल्लेबाज ने 1494 रन बनाए।