पता हो कि देबकुमार मैती कभी सारा तेंदुलकर से नहीं मिले। वह मुंबई भी सिर्फ एक बार गया और वह भी अपने हेंडीक्राफ्ट संबंधित काम की वजह से। उन्हें बहुत ही जल्द वापस भेज दिया गया क्योंकि वह हिंदी अच्छे से नहीं बोल पा रहा था। देबकुमार ने टूटी फूटी हिंदी में कहा, 'मैं सारा से शादी करना चाहता हूं।'
फिर यह पूछा गया कि प्यार कैसे हुआ? देब ने अपनी भाषा में जवाब देकर कहा, 'टीवी पर देखकर।' उन्होंने आगे कहा, 'मैंने आसमान में देखकर पूछा, क्या सारा तेंदुलकर मेरी पत्नी बनेगी? तो बिजली कड़की, जो मेरा जवाब था। इसकी पुष्टि हो गई कि सारा ही मेरी पत्नी बनेगी। मैंने तेंदुलकर के ऑफिस फोन लगाकर भी यही कहा।' देबकुमार की आवाज में जरा भी झिझक नहीं थी।
देबकुमार ने अपने एक रिश्तेदार से सचिन तेंदुलकर के ऑफिस का फोन नंबर निकलवाया। फिर देब ने पता करने के लिए कि यही सारा का नंबर हैं, करीब 20-25 बार कॉल किया।
देब ने कहा, 'मैं टूटी-फूटी हिंदी में कहा, 'सारा मेरी जिंदगी है और मैं उससे शादी करना चाहता हूं।' इसके बाद देब ने कलाई पर बना एक टैटू दिखाया, जिसमें 'देब और सारा' लिखा हुआ था।
यह पूछने पर कि राष्ट्रीय आइकॉन की बेटी को प्रपोज करने का हौसला कहां से आया तो देब का जवाब सुनिए, 'नांव, ट्रेन सब मेरे सामने रूक जाती हैं। मैं भी वर्ल्ड में बेस्ट हूं।'
सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि देबकुमार ने 2013 में टैटू बना लिया था और वह सारा को 2011 से प्यार करता है। तब सारा तेंदुलकर की उम्र महज 13 साल की थी। देबकुमार ने फिर कहा, 'मुझे अपने किसी फैसले पर पछतावा नहीं है।'