फिर एक वरिष्ठ अधिकारी ने सूचना दी कि मंत्रालय की कोई योजना नहीं है कि नाडा क्रिकेटरों का डोप टेस्ट कराए। खेल मंत्रालय ने बीसीसीआई से बातचीत इसलिए की ताकि भरोसा हो जाए कि क्रिकेटरों के सैंपल का कलेक्शन हो रहा है।
हाल ही में यह खुलासा हुआ था कि वाडा ने आईसीसी से बीसीसीआई को निर्देश देने के लिए कहा कि नाडा भारतीय क्रिकेटरों का डोप टेस्ट करे। संकट के बादल तब और गहराने लगे, जब नाडा की मान्यता खत्म होने की संभानाएं आ गईं थीं। बता दें कि नाडा को वाडा की मान्यता प्राप्त है। फिर नवंबर में राठौड़ ने कहा कि बीसीसीआई को नाडा पर विश्वास करना चाहिए।
बाबा विश्वनाथ का दर्शन करने पहुंचे केंद्रीय सूचना और प्रसारण राज्यमंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौर।
राठौड़ ने कहा था, 'मुझे खुशी है कि क्रिकेटरों का डोप टेस्ट बाहरी एजेंसी से होता है। मगर जब राष्ट्रीय खेल इकाई और कुछ अन्य देश भी हमारी नाडा पर विश्वास करते हाँ तो क्रिकेटरों को भी ऐसा करना चाहिए।'
हालांकि, बीसीसीआई ने मंत्रालय के इस विचार को खारिज कर दिया और यह हवाला दिया कि वह स्वायत्त है और आईसीसी से मान्यता प्राप्त है। उसे वर्ल्ड बॉडी द्वारा लागू किए नियम व निर्देशों का पालन करने की जरुरत होगी।