बाल दिवस के मौके पर सचिन ने अपने बचपन से जुड़ी एक मस्ती भरी कहानी सुनाई है। उन्होंने बताया है कि कैसे वह अपने दोस्तों के साथ मिलकर कार के टायरों की हवा निकाल दिया करते थे और यह काम कितने मन से करते थे।
क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर ने बाल दिवस के मौके पर अपने बचपन से जुड़ी मजेदार कहानी सुनाई है। उन्होंने बताया है कि कैसे वह बचपन में अपने दोस्तों के साथ मिलकर शैतानी किया करते थे और कार के टायरों की हवा निकाल दिया करते थे। सचिन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर यह कहानी साझा की है और अपने फैंस से भी ऐसा कहानी साझा करने को कहा है।
विज्ञापन
सचिन ने अपनी पोस्ट में लिखा "थोड़ी सी शरारत के बिना बचपन अधूरा है। जब मैं छोटा था, मैं और मेरे दोस्त साहित्य सहवास में खड़ी कारों के टायरों की हवा निकाल देते थे। हम इतने पेशेवर थे कि हमारा काम तब तक पूरा नहीं होता था जब तक कि चारों टायर चपटे न हो जाएं। समय के पन्ने पलटें और मुझे बताएं कि आपने बचपन में क्या सबसे शरारती चीज की थी, तब तर मैं अपनी कार के टायरों को जाकर देखता हूं। बाल दिवस की शुभकामनाएं।"
क्या है बाल दिवस?
हर साल 14 नवंबर को बाल दिवस के तौर पर मनाया जाता है। इस दिन देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू का जन्म हुआ था। कहते हैं कि पंडित नेहरू को बच्चे बहुत प्रिय थे। बच्चे भी उन्हें प्रेम में चाचा नेहरू कहते थे। इस कारण जवाहर लाल नेहरू की जयंती को बच्चों के नाम समर्पित करते हुए इस दिन को बाल दिवस के तौर पर मनाने की शुरुआत हुई।
विज्ञापन
बाल दिवस के मौके पर हर बच्चे को खास महसूस कराया जाता है। इस दिन बच्चों के लिए कई तरह के कार्यक्रमों का आयोजन होता है। स्कूलों में कई तरह के रंगारंग कार्यक्रम, खेल व अन्य एक्टिविटी होती हैं, जिसमें बच्चे उत्साह के साथ शामिल होते हैं। बच्चों के बाल दिवस उनके जन्मदिन जैसा होता है। हालांकि इस वर्ष बाल दिवस दीपोत्सव के बीच मनाया जा रहा है।