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26 साल पहले 17 साल के तेंदुलकर ने लगाया था अपना पहला शतक

Fri, 14 Aug 2015 01:18 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
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क्रिकेट जगत के सबसे महान दिनों में से एक है आज का दिन। 26 साल पहले आज ही के दिन एक ऐसे युग की शुरुआत हुई जिसने सफलता की नई इबारत लिखी।
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भारत रत्न सचिन तेंदुलकर ने 15 नवंबर 1989 को 17 साल की छोटी सी उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया था। लेकिन उनके बल्ले से पहला अंतरराष्ट्रीय शतक करियर की शुरुआत करने के नौ महीने बाद आया था।

आज 14 अगस्त है और आज ही के दिन मास्टर ब्लास्टर तेंदुलकर के बल्ले से पहला टेस्ट शतक निकला और फिर 24 साल में एक से संख्या 100 तक पहुंच गई। तेंदुलकर ने 1990 में इंग्लैंड दौरे के दौरान तीन मैचों की टेस्ट सीरीज के दूसरे टेस्ट में शतक जमाया था।
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मैनचेस्टर में खेले गए सीरीज के दूसरे टेस्ट मैच के पांचवें दिन भारत की दूसरी पारी के दौरान उन्होंने उस समय शतक लगाया जब टीम संकट में थी। उन्हीं की शतक की बदौलत भारत यह मैच आराम से ड्रॉ करा पाने में सफल रहा।
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मैनचेस्टर में लगा था सचिन का पहला शतक

महज 17 साल की उम्र में सचिन तेंदुलकर ने टेस्‍ट क्रिकेट में अपना पहला शतक लगाया। इस शतक के बाद तेंदुलकर ने दो दशक से भी ज्यादा के अपने ‌बेमिसाल करियर में सौ शतकों का 'एवरेस्ट' भी खड़ा किया।

टेस्‍ट क्रिकेट में रिकॉर्ड 200 मैच खेलन वाले तेंदुलकर ने अपने 24 साल के करियर में 51 शतक के साथ-साथ 68 अर्द्धशतक भी लगाए हैं। टेस्‍ट के अलावा वनडे में भी उन्होंने 463 मैचों में रिकॉर्ड 49 शतक और 96 अर्द्धशतक लगाए। शतकों के शतक के मामले में तेंदुलकर के नाम विश्व रिकॉर्ड दर्ज है जो शायद ही टूटे।

नौ अगस्त से शुरू हुए इंग्लैंड के खिलाफ मैनचेस्टर टेस्ट की पहली पारी में भी उन्होंने टीम के लिए उपयोगी योगदान दिया और 68 रन बनाए थे। इंग्लैंड ने इस मैच में टीम इंडिया के सामने जीत के लिए 408 रनों का कठिन सा लक्ष्य रखा।

जवाब में भारतीय टीम की शुरुआत खराब रही। लेकिन इसके बाद मध्य क्रम में बल्लेबाजी करने आए तेंदुलकर ने एक छोर संभालते हुए टीम को आराम से मैच को बराबरी पर ला दिया।

मैच के पांचवें दिन 14 अगस्त को ही तेंदुलकर ने शानदार शतक लगाया। मैच खत्‍म होने के समय तेंदुलकर 189 गेंदों में 119 रन बनाकर मनोज प्रभाकर (67) के साथ अविजित लौटे। भारत के छह विकेट 183 रन पर गिर गए थे उस समय तेंदुलकर ने प्रभाकर के साथ सातवें विकेट के लिए अविजित 160 रनों की साझेदारी की।

इसी टेस्ट मैच से महान लेग स्‍पिनर अनिल कुंबले ने टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया था। तेंदुलकर को चौथी पारी में लगाए शानदार शतक के लिए मैन ऑफ द मैच अवार्ड से नवाजा भी गया।
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