बेल्जियम और चेल्सी के स्टार खिलाड़ी रोमेलू लुकाकू ने नस्लवाद के खिलाफ मजबूती से खड़े होने की बात कही है। उन्होंने कहा कि प्रीमियर लीग मैचों में नस्लवाद के खिलाफ फुटबॉल जगत को सख्त कार्रवाई करने की जरूरत है। रोमेलु लुकाकू ने हर मैच से पहले घुटने टेकने वाली प्रथा पर सवाल उठाते हुए कहा कि इसके अलावा कुछ सख्त एक्शन लेना चाहिए।
चेल्सी में लुकाकू के साथी मार्कोस अलोंसो ने हाल ही में घुटने टेकने की प्रथा को मानने से इंकार किया था और कहा था कि वह इसकी जगह अपनी जर्सी पर "नो टू रेसिज्म" बैज लगाएंगे। पिछले सीजन में क्रिस्टल पैलेस फॉरवर्ड विल्फ्रेड ज़ाहा ने घुटने टेकना बंद कर दिया था। लुकाकू ने कहा कि इन सबके बावजूद खिलाड़ियों के खिलाफ ऑनलाइन दुर्व्यवहार अब तक कम नहीं हुआ है।
लुकाकू ने इन सब पर बात करते हुए कहा- मुझे लगता है कि हम मूल रूप से मजबूत स्थिति ला सकते हैं। हम हर मैच से पहले घुटने टेक रहे हैं और हर कोई ताली भी बजा रहा होता है, लेकिन अंत में फिर से आप किसी ने किसी खिलाड़ी को नस्लवाद का शिकार होता हुआ देखते हैं। लुकाकू चाहते हैं कि सभी स्टार खिलाड़ी सोशल मीडिया के मालिकों के साथ बैठें और इस मुद्दे को सुलझाएं।
लुकाकू ने कहा- नस्लवाद को रोकने के लिए हर टीम के कप्तान, चार या पांच खिलाड़ी, हर टीम की बड़ी हस्तियां, इंस्टाग्राम, सरकारों के सीईओ, एफए (फुटबॉल एसोसिएशन) और पीएफए (पेशेवर फुटबॉलर्स एसोसिएशन) के साथ एक बैठक होनी चाहिए। इस बैठक में हर तरह के मुद्दों पर बातचीत होनी चाहिए। यदि आप कुछ रोकना चाहते हैं, तो आप वास्तव में ऐसा कर सकते हैं। लुकाकू चेल्सी की "नो टू हेट" फोटोग्राफी प्रतियोगिता के शुभारंभ के दौरान सीएनएन स्पोर्ट से बात कर रहे थे।