रोहित ने कहा कि वह चौथे दिन खेल समाप्त होने से हैरान थे। उन्होंने कहा कि भारत इंग्लैंड को आउट करने के लिए एक निश्चित संख्या में ओवर उपलब्ध कराना चाहता था, न कि एक विशेष लक्ष्य।
भारतीय कप्तान रोहित शर्मा ने रविवार को टीम को रनों के लिहाज से सबसे बड़ी टेस्ट जीत दिलाने का श्रेय अपनी टीम के युवा और अनुभवहीन सदस्यों को दिया। भारत ने चौथे टेस्ट में 556 रन बनाने के बाद इंग्लैंड को सिर्फ 122 रन पर आउट कर दिया और पांच मैचों की सीरीज में 2-1 की बढ़त बना ली।
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ध्रुव जुरेल, सरफराज खान और यशस्वी जायसवाल
- फोटो : ICC/BCCI/X
'इस तरह का मैच जीतना एक अलग अहसास'
रोहित ने मैच के बाद कहा, 'इस तरह का मैच जीतना बहुत अच्छा अहसास है, खासतौर पर इतनी युवा टीम के साथ। हमारे पास डेब्यू करने वाले दो खिलाड़ी (सरफराज खान और ध्रुव जुरेल) थे और प्लेइंग-11 में काफी खिलाड़ियों ने ज्यादा टेस्ट मैच नहीं खेले थे।'
उन्होंने कहा, 'इनमें से काफी खिलाड़ी उस अनुभव से सीख रहे हैं जो उन्हें बीच-बीच में मिल रहा है। हमें हैदराबाद टेस्ट से काफी कुछ सीखने को मिला और फिर विशाखापत्तनम में जब हम जीते तो भी खिलाड़ियों ने बहुत कुछ सीखा। सरफराज और जुरेल दोनों ने खेल में अच्छा प्रदर्शन किया।'
भारतीय टीम
- फोटो : BCCI
'टीम ने इस जीत के लिए कड़ी मेहनत की है'
रोहित ने कहा कि हालात (सीनियर खिलाड़ियों की चोट) को देखते हुए टीम ने वास्तव में कड़ी मेहनत की है। उन्होंने कहा, 'हम जानते थे कि इस स्थिति में आकर सीरीज जीतना हमारे लिए आसान नहीं होगा। हमें वास्तव में कड़ी मेहनत करनी थी, खासकर तब जब हमारे कई प्रमुख खिलाड़ी भी नहीं खेल रहे थे। हालांकि, इन युवा खिलाड़ियों को काफी श्रेय जाता है जिन्होंने जज्बा दिखाया। ऐसा लगता है कि वे वास्तव में इस स्तर पर खेलना डिजर्व करते हैं और वे यहां टिकने के लिए आए हैं।'
सरफराज, कुलदीप और जडेजा
- फोटो : BCCI
चौथे दिन मैच खत्म होने से हैरान हैं रोहित
रोहित ने कहा कि वह चौथे दिन खेल समाप्त होने से हैरान थे। उन्होंने कहा कि भारत इंग्लैंड को आउट करने के लिए एक निश्चित संख्या में ओवर उपलब्ध कराना चाहता था, न कि एक विशेष लक्ष्य। कप्तान ने कहा, 'मुझे लगा कि खेल पांचवें दिन तक चलेगा। हमारे पास रविवार को गेंदबाजी के लिए केवल 40 ओवर थे। हमने सोचा कि उन्हें आउट करने के लिए 130 ओवर हमारे लिए काफी होंगे। शायद यही कारण था कि एक निश्चित समय में हमने पारी घोषित की। रन से ज्यादा हमारा ध्यान यह इस बात पर ज्यादा था कि उन्हें आउट करने के लिए हमें कितने ओवरों की जरूरत है। उसी हिसाब से फैसला लिया गया था। मुझे बिल्कुल उम्मीद नहीं थी कि हम रविवार (चौथे दिन) को ही मैच खत्म कर देंगे।'
अश्विन
- फोटो : BCCI
अश्विन को लेकर क्या बोले कप्तान रोहित?
रोहित ने अश्विन को लेकर भी बातचीत की। उन्होंने कहा कि दूसरे दिन का खेल समाप्त होने के बाद रविचंद्रन अश्विन का टेस्ट से बाहर होना मुश्किल था। हालांकि, अश्विन टेस्ट के चौथे दिन लौटे और कप्तान ने इस जज्बे की तारीफ की है। अश्विन फैमिली मेडिकल इमरजेंसी की वजह से दूसरे दिन खेल समाप्त होने के बाद घर लौट गए थे।
रोहित ने कहा, 'जब आप अपने सबसे अनुभवी गेंदबाज को गंवा देते हो, खासकर टेस्ट मैच के बीच में, तो यह आसान नहीं होता। लेकिन सब कुछ एक तरफ था, परिवार पहले आता है। जब हमने खबर सुनी, तो हमारे दिमाग में कोई दूसरा विचार नहीं था। उन्हें वही करना चाहिए जो उन्हें सही लगता है। वह परिवार के साथ रहना चाहते थे, जो बिल्कुल सही चीज है और उनके लिए अच्छा है।'
कप्तान ने कहा- अश्विन का फिर तमाम परेशानियों के बीच रास्ता निकालना और चौथे दिन वापसी कर फिर से टीम का हिस्सा बनना। यह चरित्र दिखाता है और दिखाता है कि अश्विन किस तरह के व्यक्ति हैं और टीम के लिए कुछ भी करना चाहते हैं।
यशस्वी को लेकर रोहित का बयान
रोहित ने यशस्वी जायसवाल को अपने रेड-हॉट फॉर्म के साथ आगे बढ़ने देना पसंद किया और इसके बारे में ज्यादा नहीं बोला। उन्होंने कहा, 'मैं जायसवाल के बारे में अभी कुछ नहीं कहूंगा। हर कोई उनके बारे में बात कर रहा है। उसे खेलने दो। वह अच्छा खेल रहा है और यह हमारे लिए अच्छा है। वह अच्छी फॉर्म में है। मैं इससे ज्यादा कुछ नहीं कहने जा रहा हूं।