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Rishabh Pant: 'जिंदगी में पहली बार ऐसा लगा...', कार दुर्घटना पर पंत ने कही यह बात, एम्बुलेंस को लेकर की अपील

Mon, 29 Jan 2024 10:18 PM IST
रोहित राज स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

पंत के दाहिने घुटने का लिगामेंट फट गया था और उनकी दाहिनी कलाई, टखने और पैर के अंगूठे के साथ-साथ उनकी पीठ पर भी चोटें आईं थी। अपने चेहरे की चोटों, घावों और खरोंचों को ठीक करने के लिए उन्होंने सर्जरी करवाई।
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ऋषभ पंत - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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भारत के विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत कार दुर्घटना के बाद पेशेवर क्रिकेट में वापसी के लिए लगभग तैयार हो गए हैं। इस बात की पूरी संभावना है कि वह आगामी आईपीएल से मैदान पर दिखेंगे। पंत दिल्ली कैपिटल्स की कप्तानी करते नजर आएंगे। 30 दिसंबर, 2022 को कार दुर्घटना का शिकार होने के बाद पंत बुरी तरह घायल हो गए थे। उनकी गाड़ी में आग लग गई थी। पंत ने उस वक्त को याद करते हुए कहा कि उस दौरान ऐसा लगा था कि दुनिया में उनका समय समाप्त हो गया है।
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पंत के दाहिने घुटने का लिगामेंट फट गया था और उनकी दाहिनी कलाई, टखने और पैर के अंगूठे के साथ-साथ उनकी पीठ पर भी चोटें आईं थी। अपने चेहरे की चोटों, घावों और खरोंचों को ठीक करने के लिए उन्होंने सर्जरी करवाई। पंत ने एक इंटरव्यू में उस कष्टदायक अनुभव के बारे में बताया जिससे लगभग उनकी जान चली गई थी।

पंत ने क्या कहा?
पंत ने कहा, ''जीवन में पहली बार मुझे ऐसा लगा जैसे इस दुनिया में मेरा समय खत्म हो गया है। दुर्घटना के दौरान मुझे घावों के बारे में पता था, लेकिन मैं भाग्यशाली था क्योंकि यह और भी गंभीर हो सकता था। मुझे लगा कि किसी ने मुझे बचा लिया है। मैंने पूछा डॉक्टर ने कहा कि मुझे ठीक होने में कितना समय लगेगा तो उन्होंने कहा कि इसमें 16-18 महीने लगेंगे। मुझे पता था कि मुझे इस रिकवरी समय को कम करने के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी।''
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पंत ने भारतीय नागरिकों से की खास अपील
उस दुर्घटना के एक साल से अधिक समय बाद पंत अब ठीक हो गए हैं और जल्द ही मैदान पर लौटने की संभावना है। उन्होंने सोमवार (29 जनवरी) को सोशल मीडिया पर लोगों से एम्बुलेंस को लेकर खास अपील भी की।



पंत ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, ''मुझे उम्मीद है कि भारत में भी लोग एम्बुलेंस के लिए ऐसा ही करेंगे। आप कभी नहीं जानते कि केवल एम्बुलेंस को रास्ता देकर कितनी जिंदगियां बचाई जा सकती हैं। हम केवल एम्बुलेंस को रास्ता देकर व्यक्तिगत रूप से यह पहल कर सकते हैं और लोगों की जान बचा सकते हैं। उन लोगों को धन्यवाद जो पहले से ही ऐसा कर रहे हैं।''
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