बीसीसीआई की वार्षिक केंद्रीय अनुबंध सूची जारी होने के बाद से दो नाम जिन्होंने ध्यान खींचा है, वे हैं श्रेयस अय्यर और ईशान किशन। ये दोनों स्टार खिलाड़ी पिछले कुछ समय से भारतीय योजना का हिस्सा रहे है, लेकिन इसके बावजूद उन्हें बीसीसीआई के अनुबंधों से बाहर रखा गया है। मीडिया रिपोर्ट्स और बीसीसीआई की एक प्रेस रिलीज से मिले संकेत के अनुसार, घरेलू क्रिकेट में खेलने के लिए इन दोनों की अनिच्छा ने बीसीसीआई को नाराज कर दिया था और इसी वजह से दोनों को केंद्रीय अनुबंध से बाहर होना पड़ा।
ईशान-श्रेयस पर क्यों लिया गया एक्शन
हालांकि, ईशान किशन और श्रेयस अय्यर को केंद्रीय अनुबंध से हटाए जाने का कोई आधिकारिक कारण सामने नहीं आया है, लेकिन बीसीसीआई की प्रेस रिलीज में ईशान और श्रेयस के मामले को लेकर मजबूत संकेत मिला था। बीसीसीआई ने लिखा था- बोर्ड ने सिफारिश की है कि सभी एथलीट उस अवधि के दौरान घरेलू क्रिकेट में भाग लेने को प्राथमिकता दें, जब वे राष्ट्रीय टीम का प्रतिनिधित्व नहीं कर रहे हों।
टीम मैनेजमेंट ने ईशान से की थी बातचीत
ईशान किशन
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ईएसपीएन क्रिकइंफो की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि भारत बनाम इंग्लैंड टेस्ट सीरीज के दौरान भारतीय क्रिकेट टीम प्रबंधन ने ईशान किशन से संपर्क किया था। रिपोर्ट्स में कहा गया है कि किशन ने जवाब दिया कि वह अभी भी तैयार नहीं हैं। उनकी अनुपस्थिति में ध्रुव जुरेल को मौका मिला और उन्होंने चौथे टेस्ट में प्लेयर ऑफ द मैच का पुरस्कार जीता। अब ईशान की वापसी मुश्किल नजर आ रही है। हाल ही में रोहित ने भी बिना नाम लिए ईशान और श्रेयस पर निशाना साधा था। रोहित ने कहा था- जिनमें भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करने और टीम के लिए खेलने की भूख है, उन्हें ही मौका दिया जाएगा।
ईशान ने वापस लिया था नाम
इससे पहले ईशान किशन ने दक्षिण अफ्रीकी दौरे पर सीरीज से अपना नाम वापस ले लिया था। तब बीसीसीआई ने 17 दिसंबर को कहा था- 'ईशान ने बीसीसीआई से निजी कारणों का हवाला देकर दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ आगामी टेस्ट सीरीज से रिलीज करने का अनुरोध किया है। इस विकेटकीपर को इसके बाद टेस्ट टीम से रिलीज कर दिया गया है।' उम्मीद की जा रही थी कि ईशान राष्ट्रीय टीम से दूर रहने के बाद घरेलू क्रिकेट खेलेंगे, लेकिन इस विकेटकीपर बल्लेबाज ने रणजी ट्रॉफी मैचों से अनुपस्थित रहने का फैसला किया।
भारतीय क्रिकेट टीम के कोच राहुल द्रविड़ ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान स्पष्ट रूप से बताया था कि ईशान को भारतीय टीम में अपनी जगह हासिल करने के लिए घरेलू क्रिकेट या कोई टूर्नामेंट खेलने की जरूरत है। हालांकि, ईशान किशन ने इस निर्देश को नजरअंदाज कर दिया।
श्रेयस भी रणजी नहीं खेले
ईशान किशन और श्रेयस अय्यर
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श्रेयस अय्यर ने भी चोट का बहाना देकर मुंबई के लिए रणजी ट्रॉफी क्वार्टर फाइनल मैचों से दूरी बना ली थी। हालांकि, इसके बाद पता चला था कि श्रेयस पूरी तरह फिट थे और उन्हें कोई चोट नहीं लगी थी। इसके बाद बीसीसीआई ने दोनों पर तुरंत एक्शन लेते हुए केंद्रीय अनुबंध से बाहर कर दिया। हालांकि, श्रेयस फिलहाल मुंबई की तरफ से रणजी सेमीफाइनल मैच खेल रहे हैं।
तीसरे टेस्ट से पहले हुई बातचीत?
हालांकि रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया है कि टीम मैनेजमेंट ने उनसे संपर्क कब किया था, लेकिन संभावना है कि भारतीय टीम ने केएल राहुल के दूसरे टेस्ट मैच से बाहर होने के बाद यह बातचीत की होगी, क्योंकि केएस भरत के बल्ले से निराशाजनक प्रदर्शन से टीम मैनेजमेंट परेशान था। भरत को सीरीज के शुरुआती दो मैचों के बाद बाद प्लेइंग इलेवन से हटा दिया गया था। तीसरे टेस्ट में जुरेल को मौका मिला और इस 23 वर्षीय बल्लेबाज ने बल्ले और दस्ताने, दोनों से अपनी क्षमता की झलक दिखाई। रांची में चौथे टेस्ट में उन्होंने 90 रन की मैच विजयी पारी खेली और फिर दूसरी पारी में नाबाद 39 रन बनाकर भारत को सीरीज में जीत दिलाई।